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गीता मैत्री
अंक ८
जुलाई से दिसम्बर २०२४
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अंक ८ · जुलाई से दिसम्बर २०२४
संपादकीय
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सम्पादकीय – साधु समाज प्रयाग
जो व्यक्ति संत समाज रूपी तीर्थराज के प्रभाव को प्रसन्न मन से सुनते और समझते हैं तथा प्रेमपूर्वक इसमें गोते लगाते हैं, वे इस शरीर के रहते ही धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—चारों फल प्राप्त कर लेते हैं।