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गीता मैत्री
अंक ९
जनवरी से जून २०२५
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अंक ९ · जनवरी से जून २०२५
भाव एक भाषा अनेक
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श्रीमद्भगवद्गीता जी मनुष्य को स्वयं का वास्तविक परिचय कराती हैं साथ ही श्रीभगवान से उसके शाश्वत एवं प्रेममय संबंध को उजागर करती हैं अत: उन्हें अम्बा अर्थात् माता की भी संज्ञा दी गई है।