५४ मिनट भाव एक भाषा अनेकश्रीमद्भगवद्गीता जी मनुष्य को स्वयं का वास्तविक परिचय कराती हैं साथ ही श्रीभगवान से उसके शाश्वत एवं प्रेममय संबंध को उजागर करती हैं अत: उन्हें अम्बा अर्थात् माता की भी संज्ञा दी गई है।