संत वाणी
आज अंतःकरण अत्यंत आनंद से भरा हुआ है। 22 जून के दिन लखनपुरी में गीता परिवार के LearnGeeta.com के माध्यम से एक अत्यंत भव्य महोत्सव मनाया जा रहा है।

८ रचनाएँ · ५१ मिनट
आज अंतःकरण अत्यंत आनंद से भरा हुआ है। 22 जून के दिन लखनपुरी में गीता परिवार के LearnGeeta.com के माध्यम से एक अत्यंत भव्य महोत्सव मनाया जा रहा है।
गीता का मूल उद्देश्य अर्जुन को विजयी बनाना यह था। भगवान ने इस उपदेश में अर्जुन के विजय के अनेक सूत्र दिये।
पाँच वर्षों में लर्नगीता ने यह सिद्ध कर दिया कि गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का प्रकाशस्तम्भ है।
गीता न केवलं युद्धभूमेः उपदेशरूपा, अपि तु सम्पूर्णजीवनस्य दार्शनिकनकाशरूपिणी।
गीता का प्रत्येक श्लोक संपूर्ण सृष्टि और जीवन के कल्याण का मार्गदर्शक है। इसके अध्ययन से साधक को शाश्वत दैवी संपदा और आध्यात्मिक ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
गीता की यह एक अद्वितीय यात्रा है। इसके अनेक आयाम है किंतु, महत्वपूर्ण आयाम क्या हो सकता है इसका मंथन करने का यह एक प्रयास है।
This verse encapsulates the e ence of the Gita’s teachings, emphasizing the importance of balancing Bhakti Yoga (devotion to God) with Karma Yoga (performing prescribed duties).
“वन्दे मातरम्” गीत वंगभूमि के सुपुत्र स्व. बंकिमचंद्र चटोपाध्याय की आनंदमठ नामक वीररस से ओतप्रोत उपन्यास का एक हिस्सा है ।