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गीता मैत्री अंक ९जनवरी से जून २०२५
अनुभागअंक ९ · जनवरी से जून २०२५

हमारे पथप्रदर्शक

८ रचनाएँ · ५१ मिनट पठन

सं ५ मिनट पठनसंत वाणीआज अंतःकरण अत्यंत आनंद से भरा हुआ है। 22 जून के दिन लखनपुरी में गीता परिवार के LearnGeeta.com के माध्यम से एक अत्यंत भव्य महोत्सव मनाया जा रहा है। आश्चर्य होता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने कितना अद्भुत कार्य हम सबके माध्यम से करवा लिया है।परम पूज्य स्वामी श्रीगोविन्ददेव गिरिजी महाराजजी २ मिनट पठनजीवन विजय के मंत्रगीता का मूल उद्देश्य अर्जुन को विजयी बनाना यह था। भगवान ने इस उपदेश में अर्जुन के विजय के अनेक सूत्र दिये। भगवद्गीता के दूसरे अध्याय में अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि स्थितप्रज्ञ पुरुष के लक्षण क्या हैं? भगवान के उत्तर केवल अर्जुन के लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए विजय के मार्गदर्शक हैं।गीता विशारद डॉ. संजय मालपाणीसम ४ मिनट पठनसम्पादकीय: सनातन धर्मघोष – लर्नगीता का पंचवर्षीय विश्व अभियानपाँच वर्षों में लर्नगीता ने यह सिद्ध कर दिया कि गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का प्रकाशस्तम्भ है।गीता विशारद डॉ.आशू जी गोयलसर ३ मिनट पठनसर्वभूतहितप्रदीपिका, अद्वैतामृतवर्षिणी गीतागीता न केवलं युद्धभूमेः उपदेशरूपा, अपि तु सम्पूर्णजीवनस्य दार्शनिकनकाशरूपिणी।आश १९ मिनट पठनआशीर्वचनगीता का प्रत्येक श्लोक संपूर्ण सृष्टि और जीवन के कल्याण का मार्गदर्शक है। इसके अध्ययन से साधक को शाश्वत दैवी संपदा और आध्यात्मिक ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।गी ५ मिनट पठनगीता परिवार (Learn Geeta) के पथ का लक्ष्यगीता की यह एक अद्वितीय यात्रा है। इसके अनेक आयाम है किंतु, महत्वपूर्ण आयाम क्या हो सकता है इसका मंथन करने का यह एक प्रयास है।गीता विदुषी सौ. वंदना जी वर्णेकरमा 5 min readमामनुस्मर युध्य चThis verse encapsulates the essence of the Gita’s teachings, emphasizing the importance of balancing Bhakti Yoga (devotion to God) with Karma Yoga (performing prescribed duties).वन ८ मिनट पठनवन्दे मातरम् !“वन्दे मातरम्” गीत वंगभूमि के सुपुत्र स्व. बंकिमचंद्र चटोपाध्याय की आनंदमठ नामक वीररस से ओतप्रोत उपन्यास का एक हिस्सा है ।