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गीता मैत्री
अनुभाग
संस्थागत संरचना
अनुभाग ३

संस्थागत संरचना

१६ रचनाएँ · ९१ मिनट

सुनहरी पृष्ठभूमि पर मंडल आकृति वाला रिक्त टेम्पलेट।
१० मिनट

महाकुम्भ में महाप्रचार

पूज्य स्वामी श्री गोविन्ददेव गिरि जी महाराज के प्रेरणास्पद ध्येय वाक्य—“गीता पढ़ें, पढ़ाएँ, जीवन में लाएँ”—को साकार करते हुए गीता परिवार ने 20 जनवरी से 12 फरवरी 2025 तक गीता प्रचार का अभूतपूर्व अभियान चलाया।

बाल संस्कार वर्ग के बच्चे अपनी बनाई चित्रकला उत्साह से ऊपर उठाकर दिखाते हुए।
३ मिनट

बाल संस्कार से राष्ट्र निर्माण: गीता परिवार का अटूट संकल्प और सेवा का दिव्य प्रकाश

इस संकल्प का मूल उद्देश्य था – बच्चों के कोमल मन-मस्तिष्क में संस्कार, संस्कृति और नैतिकता के बीज बो कर उन्हें आदर्श नागरिक बनाना ।

७ मिनट

गीता परिवार के अंचल अनुसार कार्यकर्ता शिविर संपन्न

पूज्य स्वामी श्री गोविंददेवगिरिजी महाराज द्वारा स्थापित गीता परिवार मुख्य रूप से बाल संस्कार क्षेत्र में गत ४ दशकों से कार्यरत है।

४ मिनट

गीता चिंतनिका सत्र : गीता पठन-चिंतन की अनवरत साधना

इस संकल्प को मूर्त रूप देने के लिए गीता परिवार ने प्रत्येक एकादशी के पावन दिन गीता चिंतनिका सत्र का आयोजन प्रारंभ किया गया — यह एक ऐसा सत्र जो केवल पाठ नहीं, भगवद चिंतन और आत्मबोध की यात्रा को गति देता है।