वॉलंटियर प्रशिक्षण मॉडल
This is the story not of software or schedules, but of saadhana, systems, and seva refined over five sacred years.

१६ रचनाएँ · ९१ मिनट
This is the story not of software or schedules, but of saadhana, systems, and seva refined over five sacred years.
आज यह कार्यक्रम 11 विभागों और 5 भाषाओं में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
इसी ज्ञान के दिव्य प्रकाश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु गीता परिवार ने एक सरल, प्रेरणादायी और पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण यात्रा तैयार की है।
Learngeeta has launched and published 40 different types of books by now.

श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प से प्रेरित गीता परिवार वर्षों से ज्ञान और सेवा के संगम को साकार करता आ रहा है।

लर्नगीता ऑनलाइन संथा वर्गों का बीजारोपण जून (२०२०) दो हज़ार बीस में हुआ ।

The VICAKṢAṆA Journey began with the very first Ślokank batch on 20th March 2023, comprising ~100 Geetavrati Sādhakas.

पूज्य स्वामी श्री गोविन्ददेव गिरि जी महाराज के प्रेरणास्पद ध्येय वाक्य—“गीता पढ़ें, पढ़ाएँ, जीवन में लाएँ”—को साकार करते हुए गीता परिवार ने 20 जनवरी से 12 फरवरी 2025 तक गीता प्रचार का अभूतपूर्व अभियान चलाया।

गीता परिवार के जन समुदाय को एक साथ लाकर कार्यों को परिभाषित कर आपस मे मैत्र व स्नेह संबंध प्रस्थापित करने के लिए गीता मैत्री मिलन का आयोजन किया जाता है।

इस संकल्प का मूल उद्देश्य था – बच्चों के कोमल मन-मस्तिष्क में संस्कार, संस्कृति और नैतिकता के बीज बो कर उन्हें आदर्श नागरिक बनाना ।

He joyfully revealed that Learngeeta will proudly celebrate its fifth anniversary on June 23, 2025.
Every growing mi ion reaches a moment where its soul seeks a new ve el.
पूज्य स्वामी श्री गोविंददेवगिरिजी महाराज द्वारा स्थापित गीता परिवार मुख्य रूप से बाल संस्कार क्षेत्र में गत ४ दशकों से कार्यरत है।
इस संकल्प को मूर्त रूप देने के लिए गीता परिवार ने प्रत्येक एकादशी के पावन दिन गीता चिंतनिका सत्र का आयोजन प्रारंभ किया गया — यह एक ऐसा सत्र जो केवल पाठ नहीं, भगवद चिंतन और आत्मबोध की यात्रा को गति देता है।
संपूर्ण गीता पारायण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, यह आत्मिक परिष्कार की एक दिव्य प्रक्रिया है।

जब नीति, प्रबंधन और स्वभाव—ये तीनों एक साथ आते हैं तो सेवा का मार्ग सहज और सरल हो जाता है।