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गीता मैत्री
ग्रंथ
गीता मैत्री
अंक १ · जून २०२५

उद्धरेदात्मनाऽत्मानं नात्मानमवसादयेत्।

आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः॥

मनुष्य अपने द्वारा अपना उद्धार करे, अपने को अधोगति में न डाले; क्योंकि आत्मा ही आत्मा का मित्र है और आत्मा ही आत्मा का शत्रु।

( गीता ६.५ )

अनुक्रमणिका · २
शैक्षणिक योगदान१ मिनट
अनुक्रमणिका · ३
सेवा और संगठन४ मिनट
विशेष अनुभाग२० मिनट
Local to Global२ मिनट
भाव एक भाषा अनेक५४ मिनट
संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर९ मिनट
रचनात्मक पेज८ मिनट
Find in Image – 1१ मिनट
अनुक्रमणिका · ४
अनुभाग १

हमारे पथप्रदर्शक

८ रचनाएँ
हमारे पथप्रदर्शक

संत वाणी

आज अंतःकरण अत्यंत आनंद से भरा हुआ है। 22 जून के दिन लखनपुरी में गीता परिवार के LearnGeeta.com के माध्यम से एक अत्यंत भव्य महोत्सव मनाया जा रहा है।

परम पूज्य स्वामी श्रीगोविन्ददेव गिरिजी महाराज
पढ़ें ५ मिनट
हमारे पथप्रदर्शक

जीवन विजय के मंत्र

गीता का मूल उद्देश्य अर्जुन को विजयी बनाना यह था। भगवान ने इस उपदेश में अर्जुन के विजय के अनेक सूत्र दिये।

गीता विशारद डॉ. संजय मालपाणी
पढ़ें २ मिनट
हमारे पथप्रदर्शक

सम्पादकीय: सनातन धर्मघोष – लर्नगीता का पंचवर्षीय विश्व अभियान

पाँच वर्षों में लर्नगीता ने यह सिद्ध कर दिया कि गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का प्रकाशस्तम्भ है।

गीता विशारद डॉ.आशू जी गोयल
पढ़ें ४ मिनट
१०
हमारे पथप्रदर्शक

सर्वभूतहितप्रदीपिका, अद्वैतामृतवर्षिणी गीता

गीता न केवलं युद्धभूमेः उपदेशरूपा, अपि तु सम्पूर्णजीवनस्य दार्शनिकनकाशरूपिणी।

पढ़ें ३ मिनट
११
हमारे पथप्रदर्शक

आशीर्वचन

गीता का प्रत्येक श्लोक संपूर्ण सृष्टि और जीवन के कल्याण का मार्गदर्शक है। इसके अध्ययन से साधक को शाश्वत दैवी संपदा और आध्यात्मिक ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

पढ़ें १९ मिनट
१२
हमारे पथप्रदर्शक

गीता परिवार (Learn Geeta) के पथ का लक्ष्य

गीता की यह एक अद्वितीय यात्रा है। इसके अनेक आयाम है किंतु, महत्वपूर्ण आयाम क्या हो सकता है इसका मंथन करने का यह एक प्रयास है।

गीता विदुषी सौ. वंदना जी वर्णेकर
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१३
हमारे पथप्रदर्शक

मामनुस्मर युध्य च

This verse encapsulates the e ence of the Gita’s teachings, emphasizing the importance of balancing Bhakti Yoga (devotion to God) with Karma Yoga (performing prescribed duties).

पढ़ें 5 min
१४
हमारे पथप्रदर्शक

वन्दे मातरम् !

“वन्दे मातरम्” गीत वंगभूमि के सुपुत्र स्व. बंकिमचंद्र चटोपाध्याय की आनंदमठ नामक वीररस से ओतप्रोत उपन्यास का एक हिस्सा है ।

पढ़ें ८ मिनट
१५
अनुभाग २

इतिहास और विकास (2020–2025)

२ रचनाएँ
१६
२०२० से २०२५ तक गीता परिवार की वृद्धि दर्शाता आँकड़ा-चित्र — ३ से १३ भाषाएँ, २५०० से १२.५ लाख साधक, १ से १८० देश।
इतिहास और विकास (2020–2025)

॥ श्री गणेशाय नमः॥

आइए , जानते है इन पांच वर्षों की यात्रा के हर छोटे – बड़े पड़ाव के बारे में जिसमें आप जैसे साधकों का भी योगदान है।

पढ़ें ९ मिनट
१७
इतिहास और विकास (2020–2025)

Marking a Milestone

This initiative aimed to spread positivity and to propagate the timele wisdom of the Bhagavad Gita to ma es, after teaching the correct grammatical pronunciation of the shlokas.

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१८
अनुभाग ३

संस्थागत संरचना

१६ रचनाएँ
१९
संस्थागत संरचना

वॉलंटियर प्रशिक्षण मॉडल

This is the story not of software or schedules, but of saadhana, systems, and seva refined over five sacred years.

पढ़ें 4 min
२०
संस्थागत संरचना

गीता निर्माण उपक्रम – आओ, गीता-सेवी बनें

आज यह कार्यक्रम 11 विभागों और 5 भाषाओं में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

पढ़ें ३ मिनट
२१
संस्थागत संरचना

पाठ्यक्रम व परीक्षायें

इसी ज्ञान के दिव्य प्रकाश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु गीता परिवार ने एक सरल, प्रेरणादायी और पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण यात्रा तैयार की है।

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२२
संस्थागत संरचना

Literature- Launch and Publications of Learn Geeta books

Learngeeta has launched and published 40 different types of books by now.

पढ़ें 2 min
२३
डॉ. संजय मालपानी ऑनलाइन सत्र के आरम्भ में हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए।
संस्थागत संरचना

वैचारिक विवेचन सत्र

श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प से प्रेरित गीता परिवार वर्षों से ज्ञान और सेवा के संगम को साकार करता आ रहा है।

पढ़ें ३ मिनट
२४
घर पर एकत्र साधक-परिवार हथेलियों से आँखें ढककर ऑनलाइन सत्र में अभ्यास करते हुए।
संस्थागत संरचना

साधक से गीताप्रेमी तक

लर्नगीता ऑनलाइन संथा वर्गों का बीजारोपण जून (२०२०) दो हज़ार बीस में हुआ ।

पढ़ें ११ मिनट
२५
Title card for the Geeta Gayan online se ion held on 21 June 2025, hosted by Geeta Pariwar and LearnGeeta.
संस्थागत संरचना

GEETĀ VICAKṢAṆA: A New Milestone in the LearnGeeta Journey

The VICAKṢAṆA Journey began with the very first Ślokank batch on 20th March 2023, comprising ~100 Geetavrati Sādhakas.

पढ़ें ३ मिनट
२६
सुनहरी पृष्ठभूमि पर मंडल आकृति वाला रिक्त टेम्पलेट।
संस्थागत संरचना

महाकुम्भ में महाप्रचार

पूज्य स्वामी श्री गोविन्ददेव गिरि जी महाराज के प्रेरणास्पद ध्येय वाक्य—“गीता पढ़ें, पढ़ाएँ, जीवन में लाएँ”—को साकार करते हुए गीता परिवार ने 20 जनवरी से 12 फरवरी 2025 तक गीता प्रचार का अभूतपूर्व अभियान चलाया।

पढ़ें १० मिनट
२७
रिक्त नारंगी रंग-खंड, जिसमें कोई विषय-वस्तु नहीं है।
संस्थागत संरचना

गीता मैत्री मिलन

गीता परिवार के जन समुदाय को एक साथ लाकर कार्यों को परिभाषित कर आपस मे मैत्र व स्नेह संबंध प्रस्थापित करने के लिए गीता मैत्री मिलन का आयोजन किया जाता है।

पढ़ें २३ मिनट
२८
बाल संस्कार वर्ग के बच्चे अपनी बनाई चित्रकला उत्साह से ऊपर उठाकर दिखाते हुए।
संस्थागत संरचना

बाल संस्कार से राष्ट्र निर्माण: गीता परिवार का अटूट संकल्प और सेवा का दिव्य प्रकाश

इस संकल्प का मूल उद्देश्य था – बच्चों के कोमल मन-मस्तिष्क में संस्कार, संस्कृति और नैतिकता के बीज बो कर उन्हें आदर्श नागरिक बनाना ।

पढ़ें ३ मिनट
२९
Statistics panel recording 1445 events acro  35 countries and 573 cities.
संस्थागत संरचना

Panchavarshapoorti Samaroha Story…

He joyfully revealed that Learngeeta will proudly celebrate its fifth anniversary on June 23, 2025.

पढ़ें 3 min
३०
संस्थागत संरचना

In Divine Code: The Story of the LearnGeeta App

Every growing mi ion reaches a moment where its soul seeks a new ve el.

पढ़ें 2 min
३१
संस्थागत संरचना

गीता परिवार के अंचल अनुसार कार्यकर्ता शिविर संपन्न

पूज्य स्वामी श्री गोविंददेवगिरिजी महाराज द्वारा स्थापित गीता परिवार मुख्य रूप से बाल संस्कार क्षेत्र में गत ४ दशकों से कार्यरत है।

पढ़ें ७ मिनट
३२
संस्थागत संरचना

गीता चिंतनिका सत्र : गीता पठन-चिंतन की अनवरत साधना

इस संकल्प को मूर्त रूप देने के लिए गीता परिवार ने प्रत्येक एकादशी के पावन दिन गीता चिंतनिका सत्र का आयोजन प्रारंभ किया गया — यह एक ऐसा सत्र जो केवल पाठ नहीं, भगवद चिंतन और आत्मबोध की यात्रा को गति देता है।

पढ़ें ४ मिनट
३३
संस्थागत संरचना

संपूर्ण गीता पारायण – साधना का महायज्ञ !

संपूर्ण गीता पारायण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, यह आत्मिक परिष्कार की एक दिव्य प्रक्रिया है।

पढ़ें ४ मिनट
३४
एक सभागृह में श्रद्धालु हाथ जोड़कर बैठे हैं, दाहिनी ओर वक्ता प्रार्थना मुद्रा में खड़े हैं।
संस्थागत संरचना

नीति, प्रबंधन और स्वभाव : जीवन में गीता संस्कृति का विकास

जब नीति, प्रबंधन और स्वभाव—ये तीनों एक साथ आते हैं तो सेवा का मार्ग सहज और सरल हो जाता है।

पढ़ें ५ मिनट
३५
अनुभाग ४

शैक्षणिक योगदान

१ रचनाएँ
३६
शैक्षणिक योगदान

The Practice app: practice.learngeeta.com

Initially this App helps only to examine the charan wise shlokas, and could facilitate testing yourself.

पढ़ें 1 min
३७
अनुभाग ५

सेवा और संगठन

१ रचनाएँ
३८
देशभर की जेलों से जुड़े प्रतिभागियों के साथ ऑनलाइन गीता सत्संग का ज़ूम सत्र।
सेवा और संगठन

गीता ज्ञान से आत्मपरिवर्तन की ओर एक राष्ट्रव्यापी प्रयास

परम श्रद्धेय गोविन्द देव गिरिजी महाराज की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज एक आंदोलन का रूप लेचुका है, जिसका उद्देश्य केवल गीता का पाठ सिखाना नहीं, बल्कि उसके गूढ़ ज्ञान को जीवन में उतारना है।

पढ़ें ४ मिनट
३९
अनुभाग ६

विशेष अनुभाग

३ रचनाएँ
४०
Geeta Parivar YouTube channel card describing the value-education organisation founded 28 years ago at Sangamner, Maharashtra.
विशेष अनुभाग

Local to Global

Covid 19 Pandemic came as a boon in disguise. Transformations like Digital connections, Virtual events and live se ions became the new normal.

पढ़ें 2 min
४१
विशेष अनुभाग

Zoom Help line and Helpdesk सेवा

कोरोना महामारी के समय, जब पूरा विश्व महामारी से परेशान था। समय व्यतीत नहीं होता था, सभी पर डिप्रेशन का असर दिखता था।

पढ़ें ५ मिनट
४२
Cover of the January-June 2025 Geeta Maitree magazine marking five years of the Panchavarshapoorti Mahotsav.
विशेष अनुभाग

GeetaVrati & Geeta Vichakshan Recipients

पढ़ें 13 min
४३
अनुभाग ७

भाव एक भाषा अनेक

१ रचनाएँ
४४
भगवा वस्त्र धारण किए संत पद्मासन में बैठे हुए दोनों हाथों में नारियल लिए हैं।
भाव एक भाषा अनेक

भाव एक भाषा अनेक

श्रीमद्भगवद्गीता जी मनुष्य को स्वयं का वास्तविक परिचय कराती हैं साथ ही श्रीभगवान से उसके शाश्वत एवं प्रेममय संबंध को उजागर करती हैं अत: उन्हें अम्बा अर्थात् माता की भी संज्ञा दी गई है।

पढ़ें ५४ मिनट
४५
अनुभाग ८

संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर

१ रचनाएँ
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संत ज्ञानेश्वर महाराज का चित्र — प्रभामंडल सहित आसन पर विराजमान, सम्मुख खुला ग्रंथ और दीपस्तंभ।
संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर

संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज

इस वर्ष उनका 750 वां जन्म महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी उपलक्ष्य में पसायदान का भावार्थ और महाराज के अलौकिक जीवन पट में झांकने का प्रयास करते हैं।

पढ़ें ९ मिनट
४७
अनुभाग ९

रचनात्मक पेज

८ रचनाएँ
४८
॥ हरिः ॐ तत्सत् ॥

४१ रचनाएँ · ४२,५७३ शब्द · ३६ चित्र

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