विषयसभी अंकों में
गीता चिंतनिका सत्र
अंक ७जनवरी से जून २०२४


अंक ५जनवरी से जून २०२३
गी
गीता चिन्तनिका सत्र - 4, 5, 6वाँ अध्यायश्रीभगवान् ने अर्जुन से कर्म तथा पदार्थों का स्वरूप से त्याग करके तत्त्वदर्शी, अनुभवी और शास्त्रज्ञ महापुरुष के पास जाकर ज्ञान प्राप्त करने की प्रचलित प्रणाली की प्रशंसा की और इसके लिये अर्जुन को…गीताव्रती श्रावणी नाईकगी
गीता चिन्तनिका सत्र - 7, 8, 9वां अध्यायइन अध्यायों में श्रीकृष्ण पार्थ को अपने समग्र स्वरुप वर्णन, यज्ञ, दान, तप से अर्जित पुण्यफल और भगवन्निष्ठा भाव का प्रयोजन समझाते है।गीताव्रती विष्णुकांता जी बाहेतीगी
गीता चिन्तनिका 10, 11, 12वाँ अध्याय - 16/02/23हर एकादशी को होने वाले “गीता चिन्तनिका सत्र” की शृंखला में 16-02-23 की 'विजया एकादशी' को गीता जी के अध्याय 10, 11 और 12 का सुन्दर पारायण और चिन्तन “गीता परिवार” के 'गीताव्रती साधक सदस्यों' द्वारा सम्पन्न हुआ।
अंक ३जनवरी से जून २०२२
गी
गीता चिन्तनिका सत्र: अध्याय 7, 8, 9 – 14 जनवरी 2022पुत्रदा एकादशी के पावन पर्व पर दिनांक 13 जनवरी 2022 को श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय क्रमांक 7, 8, और 9 पर गीता चिन्तनिका का सत्र आयोजित किया गया था। यह सत्र गीता परिवार द्वारा आयोजित प्रति एकादशी 3 अध्यायों के क्रमश: पारायण व चिंतन शृंखला का एक भाग था।गी
गीता चिन्तनिका सत्र: द्वितीय पारायण – 27 फरवरी 2022फरवरी 2022 फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी एवं त्रिस्पर्शा एकादशी के पावन तथा अनूठे संयोग के शुभ अवसर पर गीता चिंतनिका के द्वितीय सत्र के पठन एवं चिंतन में महाराष्ट्र से अनुजा भट्टड़ दीदी ने…


