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गीता चिन्तनिका सत्र - 4, 5, 6वाँ अध्यायश्रीभगवान् ने अर्जुन से कर्म तथा पदार्थों का स्वरूप से त्याग करके तत्त्वदर्शी, अनुभवी और शास्त्रज्ञ महापुरुष के पास जाकर ज्ञान प्राप्त करने की प्रचलित प्रणाली की प्रशंसा की और इसके लिये अर्जुन को…गीताव्रती श्रावणी नाईकगी
गीता चिन्तनिका सत्र - 7, 8, 9वां अध्यायइन अध्यायों में श्रीकृष्ण पार्थ को अपने समग्र स्वरुप वर्णन, यज्ञ, दान, तप से अर्जित पुण्यफल और भगवन्निष्ठा भाव का प्रयोजन समझाते है।गीताव्रती विष्णुकांता जी बाहेतीगी
गीता चिन्तनिका 10, 11, 12वाँ अध्याय - 16/02/23हर एकादशी को होने वाले “गीता चिन्तनिका सत्र” की शृंखला में 16-02-23 की 'विजया एकादशी' को गीता जी के अध्याय 10, 11 और 12 का सुन्दर पारायण और चिन्तन “गीता परिवार” के 'गीताव्रती साधक सदस्यों' द्वारा सम्पन्न हुआ।