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गीता मैत्री अंक २नवम्बर से दिसम्बर २०२१
०२संत वाणी

शुभकामना

शुभकामना

गीता - मैत्री करते करते
जो वैश्विक विस्तार हुआ
उसे देख तन पुलकित एवं
मन आह्लादित खूब हुआ ।

और अभी आगे बढ़ना है
यह तो केवल एक पड़ाव
बढ़े चलो सब मिलकर मित्रों
कृष्ण भक्ति का सही बहाव ।

सभी का अभिनंदन!

  • स्वामी गोविंददेव गिरि
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