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गीता मैत्री अंक ४जुलाई से दिसम्बर २०२२
जेल में गूँजे गीता के श्लोक
१६आयोजन और अभियान

जेल में गूँजे गीता के श्लोक

Groups.learngeeta.com के माध्यम से केंद्रीय जेल भोपाल में लगभग 50 से अधिक कैदियों को श्रीमद्भगवद्गीता सिखाने का कार्य आरंभ किया गया। Learngeeta के कार्यकर्ता बड़े ही निष्ठा भाव से इन कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। हमारे जेल के भाई स्पष्ट रूप से उच्चारण करना तो सीख ही रहे हैं, साथ साथ सभी जेल के भाईयों में गीता जी के प्रति जिज्ञासा और प्रेम भी जागृत हुआ है। सभी भाइयों ने आशू भैया द्वारा दिये गये विवेचन का आनंद लिया और अपने जीवन पथ पर भक्तियोग को कैसे शामिल करें यह भी जाना, उनके मन में उठे सवालों का जवाब भी भैया ने बखूबी दिया। आशा है इसी प्रकार विभिन्न संस्थाओं में जब गीता जी पहुंचेगी, तो शीघ्र ही हम नवीन भारत का निर्माण देख पाएंगे।

श्रीमती अंशु गर्ग जी, श्री विकास वैद्य जी, श्री मीनानाथ लाखोटे जी के समन्वय से विशेष डेमो क्लास की व्यवस्था की गई, जहां हमने कैदियों की समस्याओं को समझा। संसार में वैचारिक प्रदूषण है, जिसके कारण आज लोगों की बुद्धि दुर्बुद्धि में परिवर्तित हो गई है। यही कारण है कि लोग अपराधिक प्रवृत्तियों को अपनाते हैं और अपराधी बनते हैं। कुछ कैदियों में हीन भावना और डिप्रेशन देखा गया है।

जेलों में गीता के गुंजन से कैदियों की बुद्धि, विचार एवं भावनाओं में परिवर्तन होगा जिससे वे सत्प्रवृत्तियों को अपनाकर अपना आगे का जीवन सुखी, मंगलमय बनाएंगे। विकास वैद्य जी ने उन्हें गीता पढ़ने का महत्त्व बताया और कहा - गीता हमें सिखाती है कि हम मनुष्य योनि में क्यों पैदा हुये

है, हमारे जीवन में हमें विवेक और बुद्धि का योग सिखाती है। शुद्ध उच्चारण का महत्त्व बताते हुये उन्होंने गीता के उच्चारण के साथ ऑटोमैटिक प्राणायाम हो जाता है, न केवल मन अपितु तन की भी शुद्धि हो जाती हैं। जेल के अधिकारियों ने भी इस कक्षा में भाग लिया और प्रभावित हो गीता कक्षाओं के लिये groups.learngeeta.com पर कैदियों का पंजीकरण करा दिया। Learngeeta की तरफ से जेल की library के लिये गीता अध्ययन के लिये पुस्तके भिजवाई गई।

उमेश शर्मा जी (NHRC, Rapporteur) ने गीता परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उनकी कल्पना से परे है और 13 जुलाई को अपने आनंदोत्सव में उन्होंने अपनी तत्कालीन प्रशिक्षक सोनाली दीदी को ऐसी कक्षाओं की इच्छा व्यक्त की और जल्द ही सब कुछ व्यवस्थित कर दिया गया। उन्होंने गीता परिवार के स्वयंसेवकों के उत्कृष्ट कार्य की तहे दिल से प्रशंसा की। जो सच्चे समर्पण के साथ कक्षाओं की योजना और संचालन कर रहे हैं। अगले महीने, वे महिला कैदियों के लिये भी कक्षाओं की व्यवस्था करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने भारत की सभी जेलों में इस अद्भुत गीता की कक्षाओं को लाने की इच्छा व्यक्त की।

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