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गीता मैत्री
अंक ४
जुलाई से दिसम्बर २०२२
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अंक ४ · जुलाई से दिसम्बर २०२२
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गीता जीवन में लायें
इस श्लोक को पढ़ते समय अनेक प्रकार की आशंकायें मन में उठती हैं। क्या भगवान हमें अपने धर्म का त्याग करने को कह रहे हैं? क्या धर्म का त्याग करने पर पाप मुक्ति संभव है? क्या यही मोक्ष का मार्ग है? फिर जब…
डॉ. संजय मालपाणी