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गीता मैत्री अंक ३जनवरी से जून २०२२
०९गीता मैत्री मिलन

गीता मैत्री मिलन: पुणे, अकोला एवं गोवा

अतीव उत्सुकता एवं आनंद के साथ लगभग देढ़ वर्ष आभासी पर्दे पर संचालित Learngeeta कार्यक्रम का लगभग साढ़े बारह सौ से भी अधिक गीता प्रेमियों के साथ पुणे में गीता परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. आशू गोयल जी की उपस्थिति में एक गीता मैत्री सम्मेलन आयोजित किया गया।

गीता मैत्री मिलन

पुणे, अकोला एवं गोवा

गीता मैत्री हम सबकी यह, जनम - जनम तक बनी रहे।
मधुरिम है यह यात्रा मित्रों, टोली अपनी जमी रहे।।

कार्यक्रम का आरम्भ हमारी वरिष्ठ प्रशिक्षिका सौ. तृप्ति खण्डेलवाल जी के स्वर में प्रार्थना के साथ हुआ। तत्पश्चात् दीप प्रज्ज्वलन एवं सौ. संतोषी जी मुंदडा द्वारा प्रमुख अतिथि एवं सभी का स्वागत किया गया। इसी क्रम में संगीता जी मनियार द्वारा शाळा मुख्याध्यापक सत्कार एवं सौ. अंजलि तापड़िया दीदी के द्वारा बहुत ही सटीक शब्दों में गीता परिवार का सुंदर परिचय प्रस्तुत किया गया।

"विद्या वैभव दे दो राम" इस पंक्ति को हृदयस्थ करते हुए सत्यनारायण जी मुंदडा द्वारा पुस्तक का विमोचन एवं तदनन्तर सौ. विद्या जी म्हात्रे ने मुख्य अतिथि आ. आशू भैया को आमंत्रित किया।

आशू भैया के द्वारा बिन्दु से सिंधु तक इस विषय को लेकर गीता परिवार का सम्पूर्ण स्वरूप विस्तार से बताया गया।

गीता परिवार का मूल संस्कार है एवं पाँच सिद्धांतों (पञ्चसूत्री) पर सम्पूर्ण कार्यप्रणाली आधारित है उस विषय पर आशू भैया द्वारा आरम्भ में प्रकाश डाला गया।

गीता परिवार का बिन्दु परिचय देते हुए सत्व रजस् एवं तमस् गुणों को बताते हुए कार्यकर्ताओं के स्वभाव एवं उसे उत्कृष्ट बनाने पर जोर दिया।

बिन्दू से सिंधु की यात्रा में गीता परिवार की कार्यप्रणाली, स्वामीजी की एवं शास्त्र की दृष्टि, गीता परिवार का ध्येय एवं मुख्य विचारों को स्पर्श करते हुए कार्यकर्ताओं की कार्य करते समय क्या दृष्टि होनी चाहिए इस पर उन्हीने निम्न बिंदुओं को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया -

  • 1. सेवा नही साधना
  • 2. सहनशील स्वभाव
  • 3. शुचिता
  • 4. कार्य महत्वपूर्ण, मैं नही
  • 5. प्रतिस्पर्धा करें, प्रतिद्वन्द्विता नहीं
  • 6. श्रेय रखें नहीं
  • 7. चेतन बनें, जड़ नहीं
  • 8. कार्यनिष्ठा
  • 9. WATCH YOUR WATCH

इसी प्रकार राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. संजय जी मालपाणी की उपस्थिति में गोवा एवं अकोला में भी गीता मैत्री मिलन संपन्न हुए। इसीप्रकार की टीम 11 भी बनी एवं सभी कार्यकर्त्ता उत्साह से भर गयें।

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