मुख्य सामग्री पर जाएँ
गीता मैत्री अंक ३जनवरी से जून २०२२
१४गीता सेवी अनुभव

सेवा की अद्भुत मिसाल

श्री संत अंबादास मुरलीधर देशमुख जो कि नांदेड़ से लर्नगीता में प्रशिक्षक रूप से सेवारत हैं, आज गीता पाठक की परीक्षा में परीक्षक के रूप में सेवा दे रहे थे लेकिन उनके ऐसे लेटकर परीक्षा लेना मॉनिटरिंग टीम को असमंजस में डाल गया। जब इसका कारण पता किया गया तो पता चला कि उनके पैर में गम्भीर फ्रेक्चर होने के कारण उनका ऑपरेशन हुआ है और उनके पैरो में लोहे की रॉड डालनी पड़ी है। अस्पताल के पलंग से लेटे लेटे ही उन्होंने 8 परीक्षार्थियों की परीक्षा मात्र २ मिनट का अवकाश लेकर ली। सेवा, तितिक्षा, समर्पण और कार्यनिष्ठा का यह उदाहरण हृदयस्पर्शी व नतमस्तक कर देने वाला है। ऐसे अनेक गीतासेवियों के संस्मरण सुनने में आते हैं। सभी को हृदयपूर्वक नमन।

साधकों के व्याकरण सम्बन्धी समस्यायों के हल हेतु विभिन्न व्याकरण सत्रों का आयोजन हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा में किया जाता है -

मूल अंक के पृष्ठ देखें १ पृष्ठ
मूल अंक, पृष्ठ ४३