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गीता मैत्री अंक ५जनवरी से जून २०२३
१४गीता मैत्री मिलन

गीता मैत्री मिलन, छत्तीसगढ़ - स्नेहिल मार्गदर्शन - डॉ. आशू गोयल - 8 जनवरी 2023

गीता मैत्री मिलन, छत्तीसगढ़ - स्नेहिल मार्गदर्शन - डॉ. आशू गोयल - 8 जनवरी 2023
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जिस दिन की छत्तीसगढ़ के सभी साधक प्रतीक्षा कर रहे थे वह शुभ दिन आज 8 जनवरी 2023 को आ गया। रायपुर के जगन्नाथ मंदिर के प्रांगण में यह गीता मैत्री मिलन संपन्न हुआ। प्रातः 9:00 बजे से कार्यक्रम आरंभ हुआ । प्रथम सत्र में गीता परिवार की उपाध्यक्षा तथा मध्यांचल प्रभारी प्रमिला माहेश्वरी दीदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित कर ऑफलाइन प्रशिक्षण का महत्व समझाया। उसके पश्चात् गीता पाठ हुआ। अपराह्न 2:00 बजे ढोल नगाड़े के साथ गीता परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा लर्नगीता उपक्रम के कार्यक्रम संचालक आदरणीय डॉ. आशू गोयल भैया का स्वागत किया गया। इसके उपरांत बाल साधकों द्वारा प्रार्थना की सुंदर प्रस्तुति की गई जिसके पश्चात् सभी उपस्थित मान्यवरों ने खड़े रहकर पूर्ण सम्मान के साथ छत्तीसगढ़ का राज्य गीत गाया।

गीता परिवार की दिव्य परंपरा के अनुसार कार्यक्रम का औपचारिक आरंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन के लिए शशि बागड़ी जी, संतोष चांडक दीदी, चंद्रशेखर बाबू भैया, राकेश मिश्रा भैया यदि कार्यकर्ता भी आदरणीय आशू भैया और प्रमिला दीदी के साथ उपस्थित थे। दीप प्रज्ज्वलन के शक्तिपूर्ण कार्यक्रम के पश्चात् प्रथा के अनुसार सभी उपस्थित अतिथि तथा मान्यवारों का स्वागत सत्कार किया गया।

उसके उपरांत शशि दीदी ने गीता परिवार का परिचय दिया तथा संतोष दीदी ने आशू भैया एवं प्रमिला दीदी का परिचय दिया।

प्रमिला दीदी ने अपनी प्रभावी शैली में गीता परिवार एवं गीता परिवार की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्यों का प्रेरणात्मक परिचय देकर सबसे इस दिव्य कार्य के लिए समय का दान देने का अनुरोध किया ।

तत्पश्चात् आ. आशू भैया ने “बिन्दु से सिंधु तक” इस संकल्पना को लेकर एक पावरप्वाइंट प्रस्तुति कि सहायता से सब

सभी को बड़े रोचक रीति से कार्यकर्त्ता के गुण एवं कार्य के विषय में समझाया। मोमबत्ती की एक बड़े सुंदर प्रात्यक्षिक के साथ उन्होंने वहाँ उपस्थित सभी को एक नई दृष्टि का परिचय दिया। ज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, अभियांत्रिकी, संगीत, भाषा, नृत्य, इतिहास का महत्व देते हुए गीता परिवार द्वारा जो संस्कार दिए जाते है उनका विस्तार किया। आगे बढ़ते हुए आशू भैया ने सबको गीता परिवार के मूलभूत सिद्धांतों को एवं पंचसूत्री का विस्तार से परिचय करवा दिया।

बाद में छत्तीसगढ़ के गीताव्रती साधक बिंदु सोमानी दीदी एवं मंजूषा वैशंपायन दीदी का सम्मान किया गया। साथ-साथ भिलाई वासी वैशाली सूद दीदी की एक सुंदर पुस्तिका का आशू भैया के कर कमलों द्वारा प्रकाशन भी हुआ। इस पुस्तिका में उन्होंने पांच बातों का ज्ञान उनकी मंडला आर्ट और पेंटिंग द्वारा सजाकर प्रस्तुत किया। भक्त, ज्ञानी, गुणातीत, स्थितप्रज्ञ के लक्षण और दैवीसम्पंदा गुण इन पर आधारित इस पुस्तिका का मुख पृष्ठ ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश के रूप दर्शाए हैं। इसके उपरांत आशू भैया और प्रमिला दीदी द्वारा सभी साधकों में नई ऊर्जा भरते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।

मूल अंक के पृष्ठ देखें २ पृष्ठ
मूल अंक, पृष्ठ ४४मूल अंक, पृष्ठ ४५