मुख्य सामग्री पर जाएँ
गीता मैत्री
अंक ६
जुलाई से दिसम्बर २०२३
खोजें
अनुक्रमणिका
सभी अंक
०२
अनुभाग
अंक ६ · जुलाई से दिसम्बर २०२३
संत वाणी
१ रचनाएँ · ३ मिनट पठन
सभी ८ अंकों में यह अनुभाग
→
३ मिनट पठन
संत उद्गार
श्रीमद्भगवद्गीता के 11<sup>वें</sup> अध्याय को विश्वरूपदर्शन कहा गया है क्योंकि इसमें भगवान के अत्यंत दुर्लभ स्वरूप का वर्णन दिया गया है। श्रीभगवान ने स्वयं कहा -
प.पू. स्वामी श्रीगोविन्ददेव गिरिजी महाराज