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गीता मैत्री
अंक १०
जुलाई से दिसम्बर २०२५
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अंक १० · जुलाई से दिसम्बर २०२५
अग्रदूतों के मन की बात
३ रचनाएँ · १५ मिनट पठन
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संत वाणी : भगवद्गीता : आनंद का विज्ञान
भगवद्गीता के अनुशीलन हेतु इससे उत्कृष्ट और प्रामाणिक विषय अन्य नहीं हो सकता। श्रीमद्भगवद्गीता हमारे समस्त वेदों एवं उपनिषदों का नवनीत और सार-सर्वस्व है।
५ मिनट पठन
धर्मक्षेत्रे - कुरुक्षेत्रे
गीता परिवार की स्थापना 1986 में संगमनेर (महाराष्ट्र) में हुयी। उस मंगल क्षण को इस वर्ष चालीस वर्ष पूर्ण हुये। चतुर्दशकपूर्ति के निमित्त इस वर्ष अन्यान्य कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा हैं। इसी शृंखला में कुरुक्षेत्र में एक सहस्र गीता व्रती एकसाथ मुखोद्गत गीता कण्ठनाद करने वाले है।
डॉ. संजय मालपाणी
४ मिनट पठन
संपादकीय: गीता युग का उदय
संगमनेर की पावन धरा से प्रस्फुटित हुई एक लघु सरिता आज 'ज्ञान-गंगा' बनकर विश्व पटल पर प्रवाहित हो रही है।
डॉ.आशू गोयल