
संत वाणी : भगवद्गीता : आनंद का विज्ञान
भगवद्गीता के अनुशीलन हेतु इससे उत्कृष्ट और प्रामाणिक विषय अन्य नहीं हो सकता। श्रीमद्भगवद्गीता हमारे समस्त वेदों एवं उपनिषदों का नवनीत और सार-सर्वस्व है।

३ रचनाएँ · १५ मिनट

भगवद्गीता के अनुशीलन हेतु इससे उत्कृष्ट और प्रामाणिक विषय अन्य नहीं हो सकता। श्रीमद्भगवद्गीता हमारे समस्त वेदों एवं उपनिषदों का नवनीत और सार-सर्वस्व है।

गीता परिवार की स्थापना 1986 में संगमनेर (महाराष्ट्र) में हुयी। उस मंगल क्षण को इस वर्ष चालीस वर्ष पूर्ण हुये।

संगमनेर की पावन धरा से प्रस्फुटित हुई एक लघु सरिता आज 'ज्ञान-गंगा' बनकर विश्व पटल पर प्रवाहित हो रही है।