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गीता मैत्री
१४ — ४४
गीता जयंती महोत्सव

आज का कुरुक्षेत्र, आज का युद्ध

आज का कुरुक्षेत्र कोई भौगोलिक भूमि नहीं, बल्कि प्रत्येक मनुष्य का अंतःकरण है।

आज का अर्जुन बाह्य युद्ध नहीं, बल्कि आंतरिक द्वंद्व से जूझ रहा है—और इस युद्ध में आज भी श्रीकृष्ण रूपी गीता ही सच्ची सारथी है।

“नष्टो मोहः स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत।

स्थितोऽस्मि गतसन्देहः करिष्ये वचनं तव॥”

जैसे अर्जुन ने श्रीकृष्ण के उपदेश से मोह का नाश कर कर्तव्य का मार्ग अपनाया, वैसे ही आज का साधक भी गीता से जीवन की दिशा, आत्मविश्वास और धर्ममय आचरण का संबल प्राप्त करता है। इस महोत्सव ने गीता को अध्ययन से आगे बढ़ाकर जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया।

यह गीता जयंती महोत्सव 2025 सदैव स्मरणीय रहेगा। इसने साधकों के हृदय में भक्ति और अध्यात्म की ज्योति प्रज्वलित की, सेवा और संगठन की भावना को सुदृढ़ किया तथा गीता को जीवन का व्यवहारिक मार्गदर्शक बनाकर प्रतिष्ठित किया।

अब से ही साधक आगामी गीता जयंती महोत्सव की प्रतीक्षा में उत्सुक हैं।

 हर घर गीता, हर कर गीता

https://jayanti.learngeeta.com

 महत्वपूर्ण आँकड़े

आयोजन अवधि : 15 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025

कुल अवधि: 47 दिन

माध्यम: ऑनलाइन एवं ऑफलाइन

सहभागिता विस्तार

कुल पंजीकृत कार्यक्रम: 1335

शहरों की संख्या: 472

देशों की संख्या: 33

कार्यक्रम प्रकार

शोभा यात्रा: 56

पारायण: 1113

समूह कार्यक्रम: 207

मनोरंजनात्मक (Fun): 112

गीता प्रचार / पुस्तक स्टॉल: 30

संगीतमय पारायण: 52

विशेष ऑनलाइन साधना आयोजन

षष्ठि संपूर्ति पारायण: 60

कुल सेवक व साधक: 1080

सहभागिता श्रेणियाँ: 35

पारायण भाषाएँ: 13

नियमित कार्यक्रम

प्रातः 6:30 – एक अध्याय पारायण (2 राउंड पूर्ण)

सायं 7:30 – संपूर्ण पारायण

रविवार – संपूर्ण पारायण

18 दिन – 18 अध्याय चिंतन

एकादशी विशेष पारायण

15 नवम्बर – संपूर्ण पारायण

1 दिसम्बर – 7 राउंड

15 दिसम्बर – 5 राउंड

31 दिसम्बर – पूर्णाहुति पारायण

गीता ओलंपियाड

विभिन्न आयु वर्ग

25+ गतिविधियाँ

5+ खेल

बहुभाषी, बहुदेशीय सहभागिता

अनेक आकर्षक पुरस्कार एवं सम्मान वितरण

लोभ, अहंकार और स्वार्थ आधुनिक कौरव हैं, जबकि सत्य, करुणा, कर्तव्य और आत्मसंयम हमारे पांडव हैं।

15 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025आयोजन अवधि
47 दिनकुल अवधि
1335कुल पंजीकृत कार्यक्रम
1113पारायण
गीता जयन्ती महोत्सव 2025 का आधिकारिक लोगो, जिसमें शंख बजाते श्रीकृष्ण और अर्जुन का चित्र अंकित है।
गीता जयन्ती महोत्सव 2025 का आधिकारिक लोगो, जिसमें शंख बजाते श्रीकृष्ण और अर्जुन का चित्र अंकित है।