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गीता मैत्री अंक १०जुलाई से दिसम्बर २०२५
०४गीता जयंती महोत्सव

ऑफलाइन की तैयारी , तकनीकी सहयोग और भव्य उपलब्धियाँ

गीता परिवार दक्षिणांचल के आयोजन में पंजीकरण मंच के सामने एकत्र सेविकाओं का समूह चित्र।
गीता परिवार दक्षिणांचल के आयोजन में पंजीकरण मंच के सामने एकत्र सेविकाओं का समूह चित्र।

शिवपुर एवं हावड़ा गीता परिवार समिति के सामूहिक गीता पारायण में महिलाएँ पाठ करती हुईं और बच्चे श्रवण करते हुए।
शिवपुर एवं हावड़ा गीता परिवार समिति के सामूहिक गीता पारायण में महिलाएँ पाठ करती हुईं और बच्चे श्रवण करते हुए।

गीता जयन्ती महोत्सव के ऑफलाइन पोर्टल का बैनर, जिसमें मोक्षदा एकादशी और 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि अंकित है।
गीता जयन्ती महोत्सव के ऑफलाइन पोर्टल का बैनर, जिसमें मोक्षदा एकादशी और 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि अंकित है।

इस विराट आयोजन की सफलता के पीछे Geetajayanti.com ऑनलाइन पोर्टल और आईटी टीम का सतत एवं समर्पित परिश्रम रहा। गीता जयंती आयोजन समिति द्वारा विकसित तकनीकी मंच ने ऑनलाइन पंजीकरण, लाइव पारायण, प्रतियोगिताएँ और गीता ओलंपियाड को सहज, सुलभ और सुव्यवस्थित बनाया। तकनीक और अध्यात्म का यह सुंदर समन्वय इस महोत्सव की सुदृढ़ आधारशिला सिद्ध हुआ।

Geetajayanti.com पोर्टल ने साधकों को इस उत्सव को मनाने हेतु अनेक सुविधा उपलब्ध कराई। पंजीयन, पारायण से संबंधित आवश्यक सामग्री, अपने आसपास होने वाले कार्यक्रमों की सूचना तथा आयोजकों हेतु भी विशेष प्रशस्ति पत्रक भी इस पोर्टल पर उपलब्ध थे। जिसने इस आयोजन को और भी सरल बनाकर दिव्य गति प्रदान की।

गीता जयंती महोत्सव 2025 ने अपनी व्यापकता और सहभागिता के माध्यम से उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किए।1335 पंजीकृत कार्यक्रमों का आयोजन 472 शहरों और 33 देशों में हुआ।

शोभा यात्राएँ, गीता पारायण, समूह कार्यक्रम, संगीतमयगीता पारायण, विभिन्न मनोरंजनात्मक सामूहिक गतिविधियाँ - क्विज: गीता ज्ञानपति, drawing, गीता अंत्याक्षरी, बुक स्टॉल एवं गीता प्रचार स्टॉल आदि विभिन्न कार्यक्रम

—प्रत्येक आयोजन ने गीता को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया।

गीता शोभायात्रा, संगीतमय पारायण, गीताचिंतन उद्बोधन एवं बच्चों की विशेष प्रतियोगितायें इस बार के महोत्सव के विशेष आकर्षण थे।