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गीता मैत्री
३५ — ४४
११Kids Section

श्लोक पझल गेम

शब्द को पकड़िए और श्लोक के चरण व श्लोक नंबर याद करने की कोशिश कीजिए।

आईए! चलिए, खेलते हैं, श्लोक/श्लोकांक याद करने के लिए श्लोक पझल गेम

(शब्द को पकड़िए और श्लोक के चरण व श्लोक नंबर याद करने की कोशिश कीजिए। )

जैसे की

पितृ, देव व भूत सभी की पूजा कर ली परंतु इच्छापूर्ति कैसे हो?

उत्तर: 9.25

यान्ति देवव्रता देवान्, पितृन्यान्ति पितृव्रता:

भूतानि यान्ति भूतेज्या, यान्ति मद्याजिनोSपि माम्।।

1. मुंबई के समोसे का पिताजी, गुरु, चराचर, लोक परलोक सभी पर, अप्रतिम प्रभाव हैं!!!!

2. भूत, भविष्य, वर्तमान सब जानो या ना जानो, परंतु वेदों को जानना तो बनता ही है।

3. पता है! सुबह आदित्य के तेज से संपूर्ण जगत में सभी लोगों के साथ, फूल भी खिल उठते हैं।

4. यज्ञ, तप, दान की बातें तो सुन ली, परंतु खाली पेट भजन ना होवे... सर्व प्रिय आहार मिल जाए बस! मानो बेड़ा पार!!

5. चलो बच्चो! अब "ब्रह्म" को जानते हैं। कैसे? पहले उत्तर दिशा में जाइए, अग्नि को प्रकट कीजिए, फिर देखिए कमाल!!!

6. ब्राह्मण के मुख से मोक्ष की बातें तो सुन ली परंतु कर्मजान् से छूट पाए क्या?

7. क्या कभी किसी ने सोचा?? इतनी बारिश में अन्न के अलावा कर्म व यज्ञ भी उद्धव होते हैं! बोलो।

8. शीत-उष्ण या सुख-दुख की मात्रा सहन करने की क्षमता बताने वाली मशीन है क्या कोई?

9. प्रकाश में इतना सुख और ज्ञान मिलता है कि सभी तत्व निर्मल हो जाए।

10. मैं तो नित्य ऐसी बोध कथा सुनता हूं कि मेरे चित् व प्राण तुष्यन्ति व रमन्ति में लीन हो जाते हैं।

1)11.43 2) 7.26 3) 15.12 4) 17.7 5) 8.24 6) 4.32 7) 3.14 8) 2.14 9) 14.6 10) 10.10

पितृ, देव व भूत सभी की पूजा कर ली परंतु इच्छापूर्ति कैसे हो?

9.25उदाहरण श्लोक
1)11.43 2) 7.26 3) 15.12 4) 17.7 5) 8.24 6) 4.32 7) 3.14 8) 2.14 9) 14.6 10) 10.10उत्तर कुंजी
वृत्ताकार भूलभुलैया का हल लाल रेखा से दिखाया गया है, दोनों ओर बालक-बालिकाएँ और बाल कृष्ण चित्रित हैं।
वृत्ताकार भूलभुलैया का हल लाल रेखा से दिखाया गया है, दोनों ओर बालक-बालिकाएँ और बाल कृष्ण चित्रित हैं।