- स्थान
- भोपाल
- योजना
- “श्रीकृष्ण पाथेय योजना”
- अध्याय
- 18 अध्यायों
- भाषाएँ
- 13 भाषाओं
श्रीमद्भगवद्गीता : स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को छात्रों को गीता परिवार द्वारा संचालित ऑनलाइन गीता कक्षाओं में पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया है।

मध्यप्रदेश में छात्रों के लिए ऑनलाइन गीता कक्षाओं का शुभारंभ!
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को छात्रों को गीता परिवार द्वारा संचालित ऑनलाइन गीता कक्षाओं में पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया है। यह पहल अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत चलाई जा रही है और इसे “श्रीकृष्ण पाथेय योजना” से जोड़ा गया है।
सभी सार्वजनिक एवं निजी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी महाविद्यालयों से अपेक्षा की गई कि वे छात्रों को अधिक से अधिक संख्या में इन कक्षाओं में जोड़ें।
श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों को चार स्तरों में और 13 भाषाओं में ओपढ़ाया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए गीता के ज्ञान को आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ सहज रूप में उपलब्ध कराना
भारत के कई राज्यों में श्रीमद्भगवद्गीता को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बना लिया गया है।
मुख्य उद्देश्य
चरित्र निर्माण: किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और अनुशासन को मजबूत करना।
तनाव प्रबंधन: परीक्षा और जीवन के तनाव से निपटने के लिए छात्रों को मानसिक संबल प्रदान करना।
सांस्कृतिक जुड़ाव: आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को भारत की प्राचीन विरासत और दर्शन से जोड़ना।
श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों को चार स्तरों में और 13 भाषाओं में ओपढ़ाया जाएगा।


