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गीता मैत्री
२९ — ४४
सिरोंज शिविर
22 दिसम्बर से 27 दिसम्बर 2025
सिरोंज स्थल
KBDM महाविद्यालय एवं विद्यालय, सिरोंज
रतलाम शिविर
29 दिसम्बर 2025 से 2 जनवरी 2026
रतलाम स्थल
स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, रतलाम
कार्यकर्ता शिविर

मध्य प्रदेश गीता परिवार की ऐतिहासिक पहल – “तेजोहम” आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर

सद्गुरुदेव स्वामी श्री गोविंददेव गिरी जी महाराज के आशीर्वाद एवं श्रीकृष्ण कृपा से मध्य प्रदेश गीता परिवार द्वारा सिरोंज और रतलाम में पहली बार “तेजोहम” आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविरों का भव्य आयोजन किया गया।

मध्य प्रदेश गीता परिवार की ऐतिहासिक पहल – “तेजोहम” आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर

भारतीय संस्कृति में स्त्री का सर्वोच्च स्थान

भारतीय संस्कृति में स्त्री को सदैव आदर और सम्मान का प्रतीक माना गया है। हमारे शास्त्रों और पुराणों में स्त्री को केवल गृहस्थ जीवन की धुरी नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज और राष्ट्र की आत्मा के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है।

महाभारत में स्पष्ट कहा गया है: “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” — अर्थात जहाँ स्त्रियों का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। यह वचन केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि भारतीय जीवन‑दर्शन का मूल आधार है।

देवी दुर्गा के रूप में स्त्री शक्ति की अधिष्ठात्री है, जो अन्याय और अधर्म का संहार करती है। देवी लक्ष्मी के रूप में वह समृद्धि और सौभाग्य की दात्री है, जो परिवार और समाज को स्थिरता प्रदान करती है। देवी सरस्वती के रूप में वह ज्ञान और विद्या की अधिष्ठात्री है, जो मानव जीवन को प्रकाशमान करती है। इस प्रकार स्त्री को शक्ति, समृद्धि और ज्ञान की त्रिवेणी के रूप में देखा गया है।

स्त्री केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि संस्कृति की वाहक और राष्ट्र की प्रेरणा है। उसकी करुणा, त्याग और मातृत्व समाज को संवेदनशील बनाते हैं, वहीं उसका साहस और आत्मबल समाज को दृढ़ता प्रदान करते हैं।

आत्मरक्षा और आत्मबल की आवश्यकता

आज के समय में जब हिन्दू समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा और आत्मबल अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और साहस का आधार है। इन शिविरों ने बेटियों को यह अनुभव कराया कि वे केवल रक्षक की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं अपनी रक्षा और जीवन की दिशा तय करने में सक्षम बनें।

आयोजन का स्वरूप

मध्य प्रदेश के प्रभारी श्री कैलाश भैया सोनी एवं सचिवा निशा दीदी शर्मा के सहयोग से दो शिविर सम्पन्न हुए।

1. सिरोंज शिविर

22 दिसम्बर से 27 दिसम्बर 2025

KBDM महाविद्यालय एवं विद्यालय, सिरोंज

लगभग 300 बालिकाएँ एवं किशोरियाँ

⏰ समय: प्रातः 8:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक

श्वेता दीदी त्यागी एवं जयसिंगपुर की युवा टीम के सहयोग से यह षड् दिवसीय शिविर सम्पन्न हुआ।

2. रतलाम शिविर

29 दिसम्बर 2025 से 2 जनवरी 2026

स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, रतलाम

लगभग 200 बालिकाएँ, जिनमें अधिकांश आदिवासी बहनें

⏰ समय: प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक

डॉ. अर्चना शर्मा जी के सहयोग से यह पाँच दिवसीय शिविर सम्पन्न हुआ।

दोनों शिविरों में परम पूज्य गुरुदेव श्रद्धेय स्वामी श्री गोविंददेव गिरी जी महाराज का दिव्य आशीर्वाद एवं गीता परिवार के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. संजय मालपाणी जी का संदेश बालिकाओं को प्राप्त हुआ। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (मध्यांचल) श्रीमती प्रमिला माहेश्वरी जी के अनुभवी मार्गदर्शन में बेटियों के जीवन में आत्मबल, धन्यता और सम्यक दृष्टि का संचार हुआ।

छात्राओं के अनुभव

शिविर में भाग लेने वाली छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए—

सुमन ओरा (खिमाखेड़ी): योग, ज्ञानेन्द्रिय संवर्धन, लाठी चलाना, गीत, श्लोक और प्रार्थनाएँ सीखीं। आनंद और आत्मविश्वास प्राप्त हुआ।

निशा गुर्जर (BA प्रथम वर्ष): धर्म की परंपराओं का महत्व जाना—बिंदी, चूड़ी, बिछिया आदि। ध्यान के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण का अद्भुत अनुभव हुआ। लाठी प्रशिक्षण से आत्मरक्षा का आत्मविश्वास बढ़ा।

विनीता कुशवाह (BA द्वितीय वर्ष, सिरोंज): आत्मरक्षा के साथ‑साथ जीवन जीने की राह समझी। त्योहारों के महत्व को जाना।

अनुशिखा राठौर (B.Sc द्वितीय वर्ष): आत्मरक्षा, योग और जीवन कौशल से आत्मविश्वास बढ़ा। ज्ञानेन्द्रिय संवर्धन से मानसिक विकास हुआ।

कृतिका नागर (B.Sc प्रथम वर्ष): पाँच दिवसीय शिविर ने जीवन को देखने का नया दृष्टिकोण दिया। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार हुआ।

इन अनुभवों से स्पष्ट है कि शिविर ने बालिकाओं के जीवन में गहरा परिवर्तन किया। उन्हें लगा कि गीता परिवार उनके लिए अपना ही परिवार है।

_"नारी केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है। जब वह अपनी शक्ति पहचानती है, तो समाज में परिवर्तन की नई किरण प्रस्फुटित होती है।"_

यह आयोजन मध्य प्रदेश गीता परिवार के इतिहास में एक गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी क्षण रहा।

22 दिसम्बर से 27 दिसम्बर 2025सिरोंज शिविर
29 दिसम्बर 2025 से 2 जनवरी 2026रतलाम शिविर
गीता परिवार मध्यप्रदेश और शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रतलाम द्वारा आयोजित 'तेजोऽहम्' आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का बैनर।
सिरोंज (विदिशा) में युवतियों और किशोरियों के लिए आयोजित 'तेजोऽहम्' आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का पोस्टर।