- पारायण
- 60
- सेवक और साधक
- 1080
- सहभागिता श्रेणियाँ
- 35 विभिन्न श्रेणियों
- पारायण भाषाएँ
- 13 भाषाओं
ऑनलाइन विशेष आयोजन; गीता साधना का अभिनव आयाम
यह विशेष ऑनलाइन आयोजन गीता परिवार के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आदरणीय डॉ. आशु जी गोयल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।




- महोत्सव के अंतर्गत 60 पारायणों द्वारा षष्ठि संपूर्ति का पुण्य अवसर प्राप्त हुआ। जिसमें 1080 सेवक और साधक, समाज की 35 विभिन्न श्रेणियों से आकर इस यज्ञ में सहभागी बने।

- 13 भाषाओं में पारायण प्रतियोगिता ने गीता की सार्वभौमिकता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
- दैनिक प्रातः 6.30 बजे एक अध्याय पारायण एवं सायंकाल 7.30 बजे संपूर्ण पारायण रखे गए, रविवार विशेष पाठ तथा
- 18 दिनों में 18 अध्याय चिंतन इस ऑनलाइन प्रयोजन का अप्रतिम हिस्सा था।
यह विशेष ऑनलाइन आयोजन गीता परिवार के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आदरणीय डॉ. आशु जी गोयल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनकी गहन, रोचक और प्रभावशाली शैली ने इस चिंतन को साधकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं स्मरणीय बना दिया। 18 दिनों में सम्पूर्ण गीता के मर्म को समझने के लिए यह 18 विवेचनो की श्रृंखला गीता प्रेमी साधकों के लिए गीता ज्ञान के अथाह सागर का एक दैवीय जहाज प्रतीत होता है।
- विशेष एकादशी तिथियों पर आयोजित संपूर्ण एवं बहु-चक्र पारायणों ने सामूहिक साधना को नई ऊँचाई प्रदान की। 1 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी के अवसर पर प्रातः 6:30 से मध्यरात्रि तक निरंतर 'अखंड गीता पारायण' संपन्न हुआ, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। इस सम्पूर्ण ऑनलाइन गीता जयन्ती महोत्सव में लगभग 4 लाख ऑनलाइन गीताप्रेमी सम्मिलित हुए।
- 31 दिसम्बर का पूर्णाहुति पारायण इस महोत्सव का आध्यात्मिक शिखर सिद्ध हुआ।
- डिजिटल माध्यम learngeeta.com द्वारा सभी प्रस्तुतियों का Live प्रसारण किया गया। जिससे इस कार्यक्रम ने गीता के जयघोष को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है।
13 भाषाओं में पारायण प्रतियोगिता ने गीता की सार्वभौमिकता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।


