- तिथि
- 30 नवम्बर 2025
- स्थान
- लखनऊ
- सहभागी
- 1000 गीता साधक सेवियों
- धुनें
- 20 धुनों
संगीतमय सस्वर पारायण - गीता जयन्ती महोत्सव लखनऊ
परमात्मा के पावन आशीर्वाद से सम्पन्न गीता जयन्ती महोत्सव लखनऊ में हुए संगीतमय गीता पारायण के स्वर जिसने भी उसे सुना उसके हृदय में अभी तक गूंज रहे हैं।


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परमात्मा के पावन आशीर्वाद से सम्पन्न गीता जयन्ती महोत्सव लखनऊ में हुए संगीतमय गीता पारायण के स्वर जिसने भी उसे सुना उसके हृदय में अभी तक गूंज रहे हैं। 5162वीं गीता जयन्ती का भव्य आयोजन 30 नवम्बर 2025 के शुभ अवसर लखनऊ में सम्पन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चारयुक्त भव्य गीता पोथीयात्रा से आरम्भ इस कार्यक्रम में लगभग 1000 गीता साधक सेवियों ने श्रीमद्भगवद्गीता के सम्पूर्ण 18 अध्यायों का संगीतमय पारायण 20 धुनों में किया, जो अद्वितीय अनुभव था।
परम पूज्य स्वामीजी के संदेश भी सभी ने ऑनलाइन सुनकर उनके शुभाशीर्वाद प्राप्त किये। मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के डीन आ.श्री राजाराम शुक्ल जी पधारे। उन्होंने भी सभी कि अत्यंत सराहना की एवं किस प्रकार गीता परिवार सभी में भक्ति भावना का वर्धन कर रहा है इस बिन्दु पर जोर दिया।


गीता पारायणियों ज्योति दीदी, रूपल दीदी, कविता दीदी, पूजा भाभी, मनीषा दीदी द्वारा संगीत वाद्यों के साथ ऐसी दिव्य सम्पूर्ण 18 अध्यायों की प्रस्तुति दी गयी जिसे देख ऑनलाइन व ऑफ़लाइन सभी लोग रोमांचित हो उठे। पूरे समय LED स्क्रीन पर गीता श्लोकों की स्लाइड भी चलती रहीं। सम्पूर्ण गीता पारायण का एक आदर्श स्वरूप हमें देखने को मिला।


लर्नगीता के कार्यक्रम निदेशक व गीता परिवार के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष हमारे आ.आशू भैया ने अपने गीतासन्देश से उपस्थित सभी जनों को एक नये उत्साह उमंग से भर दिया। उनके शब्द गीता के भावों से ओतप्रोत व आनंद से परिपूर्ण थे।
गीता परिवार उत्तर प्रदेश के संरक्षक आ. राजेंद्र गोयल जी ने हर घर गीता हर कर गीता के विषय को आधार बनाकर सभी को अधिक से अधिक प्रचार करने को कहा।
वैदिक गुरुकुलों से पधारे सभी बटुक, आचार्य, प्राचार्य, महंत, पुजारी एवं सभी सनातन रक्षकों को तिलककर, पटका पहनाकर, दक्षिणा देकर उनका सम्मान किया गया।
विलक्षण गीता प्रात्यक्षिक के सभी ने दर्शन किए जिसमे मुख्य अतिथि ने खड़े होकर उसकी सराहना की।
निष्काम भाव से 200 से अधिक कार्यकर्ताओं ने दिन रात लगकर इस कार्यक्रम को सम्पन्न किया। सभी के हृदय में यह अलौकिक अनुभव चिरस्थायी हो गया!
5162वीं गीता जयन्ती का भव्य आयोजन 30 नवम्बर 2025 के शुभ अवसर लखनऊ में सम्पन्न हुआ।


