
गीता जयंती महोत्सव
5162वीं गीता जयन्ती का भव्य आयोजन!

७ रचनाएँ · १६ मिनट

5162वीं गीता जयन्ती का भव्य आयोजन!
गीता जयंती केवल एक तिथि नहीं, बल्कि वह दिव्य क्षण है जब कुरुक्षेत्र की रणभूमि में मोह और विषाद से ग्रस्त अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने आत्मबोध का अमृत पिलाया।

इस विराट आयोजन की सफलता के पीछे Geetajayanti.com ऑनलाइन पोर्टल और आईटी टीम का सतत एवं समर्पित परिश्रम रहा।

यह विशेष ऑनलाइन आयोजन गीता परिवार के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आदरणीय डॉ. आशु जी गोयल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
यह आयोजन केवल भारत तक सीमित न रहकर एक वैश्विक आध्यात्मिक महायज्ञ के रूप में प्रतिष्ठित हुआ।
आज का कुरुक्षेत्र कोई भौगोलिक भूमि नहीं, बल्कि प्रत्येक मनुष्य का अंतःकरण है।

परमात्मा के पावन आशीर्वाद से सम्पन्न गीता जयन्ती महोत्सव लखनऊ में हुए संगीतमय गीता पारायण के स्वर जिसने भी उसे सुना उसके हृदय में अभी तक गूंज रहे हैं।