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गीता मैत्री अंक १०जुलाई से दिसम्बर २०२५
गीता मैत्रीचार दशक विशेषांक
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  • अपूर्व सद्गुरु जीवन दर्शन
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अंक १०जुलाई से दिसम्बर २०२५
अंक १०जुलाई से दिसम्बर २०२५

चार दशक विशेषांक

मङ्गल्यं मङ्गलं विष्णु,

वरेण्यमनघं शुचिम्।

नमस्कृत्य ह्रषीकेशं,

चराचरगुरुं हरिम्॥

जो सहज शुद्ध है, वह ब्रह्म ही मंगलमय व मंगलकारी विष्णु है। उन्ही चराचरगुरु ह्रषीकेश ( मन इन्द्रियों के स्वामी ) श्री हरि को नमस्कार करेंगे ।

( महाभारत अनुक्रमणिकापर्व प्रथमोध्याय श्लोक २४)

रचनाएँ
४५
अनुभाग
१४
चित्र
१५१
पठन
३ घंटे

हर रचना की अलग PDF उसके पृष्ठ पर है। इस अंक की टीम →

अंक १०जुलाई से दिसम्बर २०२५

अंक ६० सेकंड में

इस अंक की झलक: इसके चित्र, इसके अनुभाग, और साथ में गीता का पाठ।

इस अंक में

गीता परिवार
टीमA Learngeeta Six Monthly Newsletter

गीता मैत्री परिवार

गीता परिवार

अध्यक्ष
प.पू. स्वामी श्री गोविन्ददेव गिरिजी महाराज
राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष
डॉ. संजय जी मालपाणी, संगमनेर
अन्तर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष
डॉ. आशू जी गोयल, लखनऊ
उपाध्यक्ष
श्री हरिनारायण व्यास, हैदराबाद
कोषाध्यक्ष
श्री सिद्धार्थ हवेलिया

संपादक मंडल

मुख्य सम्पादक
डॉ. आशू जी गोयल
सह सम्पादक
सुश्री कविता वर्मा
ई-बुक डिज़ाइनर
नाम प्रतीक्षित
मुख पृष्ठ
सुश्री कश्मीरा, ठाणे

लेखक एवं संयोजक

  • श्रीमती रश्मि माटे ,ठाणे
  • श्री गीत गोविन्द साहू, जगदलपुर
  • श्रीमती विभा देशमुख, नागपुर
  • श्रीमती राधा मध्यस्थ, जपान
  • श्रीमती सविता बत्रा, मुंबई
  • श्रीमती उषा प्रसाद ,बेंगलोर
  • श्रीमती विम्पा सवैय्या,मुंबई
  • श्री सुरेश दधीच, ठाणे
  • श्रीमती राजेश्वरी शेट्टी