गीता मैत्री
अंक २ · जनवरी २०२६
मङ्गल्यं मङ्गलं विष्णु,
वरेण्यमनघं शुचिम्।
नमस्कृत्य ह्रषीकेशं,
चराचरगुरुं हरिम्॥
जो सहज शुद्ध है, वह ब्रह्म ही मंगलमय व मंगलकारी विष्णु है। उन्ही चराचरगुरु ह्रषीकेश ( मन इन्द्रियों के स्वामी ) श्री हरि को नमस्कार करेंगे ।
( महाभारत अनुक्रमणिकापर्व प्रथमोध्याय श्लोक २४)
अनुक्रमणिका
१अग्रदूतों के मन की बात१५ मिनट
२अपूर्व सद्गुरु जीवन दर्शन१२ मिनट३गीता परिवार : चार दशकों की संस्कार-साधना से विश्वचेतना तक२६ मिनट
४गीता जयंती महोत्सव१६ मिनट
गीता जयंती महोत्सव१ मिनट↓
अनुक्रमणिका · २
५When the Gītā Found New Homes Gītā Jayanti Acro the World — A LearnGeeta & GeetaPariwar Journey४ मिनट
४६LearnGeeta के माध्यम से गीता अध्ययन का विकास३२ मिनट
L1 उद्घाटन समारोह१२ मिनट↓
७गीता परिवार की उपलब्धियाँ१२ मिनट
अनुक्रमणिका · ३
८कार्यकर्ता शिविर७ मिनट
९Bharat ka itihas The sole living legacy of the ancient world५ मिनट
१०सनातन धर्म३ मिनट११Kids Section२० मिनट
Shree Krishna Alphabets१ मिनट↓
Ignited minds६ मिनट↓
श्लोक पझल गेम२ मिनट↓
Dharma Detective Quiz:२ मिनट↓
अनुक्रमणिका · ४
Theta Maze१ मिनट↓
१२Regional Creative Mosaic४ मिनट१३गीता भाव गीत१ मिनट१४Proud Moments१९ मिनट१५LAST PAGE० मिनट
अनुभाग १
अग्रदूतों के मन की बात
३ रचनाएँ
अनुभाग २
अपूर्व सद्गुरु जीवन दर्शन
१ रचनाएँ
अनुभाग ३
गीता परिवार : चार दशकों की संस्कार-साधना से विश्वचेतना तक
४ रचनाएँ
अनुभाग ४
गीता जयंती महोत्सव
७ रचनाएँ
अनुभाग ५
When the Gītā Found New Homes Gītā Jayanti Acro the World — A LearnGeeta & GeetaPariwar Journey
१ रचनाएँ
अनुभाग ६
LearnGeeta के माध्यम से गीता अध्ययन का विकास
५ रचनाएँ
अनुभाग ७
गीता परिवार की उपलब्धियाँ
६ रचनाएँ
अनुभाग ८
कार्यकर्ता शिविर
२ रचनाएँ
अनुभाग ९
Bharat ka itihas The sole living legacy of the ancient world
२ रचनाएँ
अनुभाग १०
सनातन धर्म
१ रचनाएँ
अनुभाग ११
Kids Section
९ रचनाएँ
अनुभाग १२
Regional Creative Mosaic
१ रचनाएँ
अनुभाग १३
गीता भाव गीत
१ रचनाएँ
अनुभाग १४
Proud Moments
१ रचनाएँ
अनुभाग १५
LAST PAGE
० रचनाएँ



























