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गीता मैत्री अंक १जून से अक्टूबर २०२१
०८चारधाम यात्रा

स्तर 3 (L3) के विभिन्न उद्घाटन समारोह

साधकों को स्तर-1(Level-1) एवं स्तर-2(Level-2) पूर्ण होने के पश्चात स्तर-3(level-3) में प्रवेश मिलता है। स्तर-3(Level-3) में 60 कक्षाओं का मॉड्यूल बना हुआ है, जिसमें (1,3,4,5,6,7) छः अध्यायों का शुद्ध उच्चारण सिखाया जाता है। स्तर-3(Level-3) में आते-आते प्रायः ऐसा देखा गया है कि, साधक, गीता एवं गीता परिवार से आत्मिक सम्बन्ध स्थापित कर लेते हैं। उनके हृदय में गीता-गङ्गा निःसृत होने लगती है।

अब तक स्तर-3(Level-3) के पांच बैच पूर्ण हो चुके हैं जिसमें हजारों की संख्या में साधकों ने गीता जी का शुद्ध उच्चारण सीखा। स्तर-3 (Level-3) का प्रथम बैच अत्यंत उत्साह के साथ 12 अक्टूबर 2020 को आरंभ हुआ। इसमें विशेष सत्र, ‘परिवार संवाद’ रखा गया। इस सत्र के अंतर्गत, स्तर-3 (Level-3) में प्रवेश करने वाले सभी प्रशिक्षार्थियों एवं प्रशिक्षकों ने अपने हृदय के उद्गार, सुझाव एवं खट्टे मीठे अनुभव साझा किये। कोरोना महामारी के दौरान गीता का सान्निध्य मिलना, संजीवनी से कम न था। साधकों द्वारा अत्यंत भावुक कर देने वाले अनुभव साझा किये गए।

5 जनवरी 2021 से स्तर-3(Level-3) का द्वितीय बैच आरंभ हुआ। आदरणीय संजय भैया ने गीता संथा वर्गों के चार स्तरों की उपमा पवित्र चार धामों से की। उन्होंने कहा कि ये चार स्तर (Level) चार धाम की तरह हैं। हमें चार-धाम यात्री की भांति, श्रद्धा, समर्पण एवं भक्तिभाव के साथ अपनी गीता-पठन यात्रा को पूर्ण करना चाहिए।

26 जनवरी को स्तर-2 (Level-2) का एक बैच, स्तर-3 (Level-3) में विलय किया गया। समय अपनी गति से आगे बढ़ता रहा। 23 फरवरी, 2021 से स्तर-3 (Level-3) का तृतीय बैच आरंभ हुआ, इसमें 2500 नवीन साधक गीता परिवार से जुड़े। स्तर-3(Level-3) का चतुर्थ बैच मई में आरंभ हुआ एवं 7 जून को स्तर-2(Level-2) का एक और बैच, विलय होकर, स्तर-3(Level-3) में परिवर्तित हो गया। जिसमें पुनः बड़ी संख्या में साधक, परिवार से जुड़ गये।
इस स्तर में गीता जिज्ञासु एवं गीता पाठक, गीता पथिक की परीक्षाएं होती हैं जिसमें सभी बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं।

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मूल अंक, पृष्ठ २५