साप्ताहिक गीता विवेचन सत्र
गीता परिवार का सूत्र वाक्य है “गीता पढ़ें, पढ़ायें जीवन में लाएं”। इसके पहले दो चरण तो किसी भी गीता साधक की स्वयं की मेहनत एवं लगन के साथ पूरे किए जा सकते हैं किन्तु जब बात आती है “गीता को जीवन में लाएं”, ऐसे में समझ नहीं आता कि यह कैसे संभव हो पाएगा? क्योंकि हमारे पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में ढेरों समस्याएं और रुकावटें, हर एक साधक के समक्ष पैदा होती रहती हैं जो कि एक साधक के मार्ग में अवरोध का कार्य करती है।
गीता परिवार के सदस्यों ने इस पर गहनता पूर्वक चर्चा की और परम पूज्य गुरु जी के निर्देशों के आधार पर यह निश्चित किया गया कि क्यों न श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का अर्थ के साथ-साथ पौराणिक विषयों एवं कहानियां का सार भी उनमें शामिल किया जाए और ऐसे सत्रों का आयोजन किया जाए जिनमें श्लोकों के अर्थ एवं पौराणिक गाथाओं के साथ-साथ, हम सभी के जीवन से जुड़ी हुई घटनाओं सामाजिक विषयों को शामिल किया जाए।
इन विशेषज्ञों की शुरुआत बहुत ही छोटे स्तर पर की गई लेकिन जैसे ऐसे गीता साधकों एवं आम जन का रुझान बढ़ता गया और लगा कि यह एक ऐसा माध्यम बन सकता है जिसमें कि अर्थ के विवेचन के साथ-साथ, साधक अपनी जिज्ञासाओं एवं पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याओं के उत्तर भी पा सके।
इसी उद्देश्य को लेकर गीता के सार को गीता साधकों तक पहुंचाने हेतु ऑनलाइन गीता संथा वर्गों के अंतर्गत सप्ताह में 2 दिन शनिवार एवं रविवार को ऐसे विशेष सत्रों का आयोजन जून 2020 से शुरू किया गया ताकि आवश्यक एवं सम्पूर्ण जानकारी को रोचक तरीके से गीता साधक तक पहुंचाई जा सके और उसके बताने में एकरूपता भी बनी रहे।
आज इन विशेषज्ञों को देखने और सुनने के लिए हजारों की संख्या में साधक जूम मीटिंग के माध्यम से जुड़ते हैं जब देखा गया की सभी साधकों को इसमें शामिल होने का अवसर नहीं मिल पा रहा है तो इसे यूट्यूब एवं फेसबुक के माध्यम से भी प्रसारित किया जाना शरू किया गया और वर्तमान में हज़ारों साधक इस के माध्यम से विशेष सत्रों का लाभ ले पा रहे हैं।
गीता परिवार वर्तमान में 4 स्तरों पर गीता अनुपठन की कक्षाएं आयोजित की जाती हैं जो कि वर्तमान में 10 से अधिक भाषाओं में चल रहीं हैं जिसमे हजारों की संख्या में प्रतिदिन साधक गीता पढ़ना सीखते हैं। 4000 से अधिक गीता सेवी इसमें दिन रात अपनी सेवाएं देते हैं और 2,50,000 से अधिक साधक इस से लाभान्वित हो चुके हैं।
इन विशेषज्ञों में साधकों की बढ़ती हुई उपस्थिति उनके रुझान को देखते हुए यह विचार किया गया कि इन विशेष सत्रों की प्रासंगिकता एवं उपयोगिता को बढ़ाने के लिए इन्हें अध्याय पर आधारित कर दिया जाए ताकि सिर्फ उस स्तर के जिज्ञासु साधक उस विशेष सत्र में शामिल हों। ऐसे में ध्यान रखा गया कि जो अध्याय पढ़ाए जा रहे हैं उन्हें अध्ययन पर आधारित विशेष सत्र का आयोजन किया जाए ताकि लोगों का रुझान उसमें सतत बना रहे।
वर्तमान में हिंदी एवं अंग्रेजी भाषाओं इन विशेषताओं का आयोजन किया जा रहा है। पूज्य स्वामीजी द्वारा अनुग्रहीत उनकी आज्ञा से बहुत ही ज्ञानी, अनुभवी,गीताव्रती, गीता प्रवीण एवं गीता विशारद विवेचनकर्ता प्रत्येक सप्ताह हजारों गीताप्रेमियों की ज्ञान पिपासा मिटाने हेतु अलग अलग अध्यायों पर विवेचन कहते हैं।
गीता विशारद डॉ. श्री संजय मालपाणी
गीता विशारद श्री श्रीनिवास वर्णेकर
गीता विशारद डॉ. श्री आशू गोयल
गीता विदुषी सौ. वन्दना वर्णेकर
गीता प्रवीण कु. रूपल शुक्ला
गीता प्रवीण कु.कविता वर्मा
विवेचन सत्रों की एक मुख्य विशेषता यह भी है कि यहाँ विवेचनकर्ता उन्ही श्रोताओं के सदृश ही समान्यरूप से जीवन का निर्वाह कर करते हुए गीता को जीवन में लाने का प्रयास कर रहे हैं। स्वामीजी द्वारा लिए गए इस निर्णय का ऐसा आकर्षण हुआ कि लगभग 30 हजार लोग प्रतिसप्ताह ज़ूम, यूट्यूब, फेसबुक आदि के माध्यम से विवेचन का श्रवण कर रहें है। कभी कभी तो ऐसा भी होता है कि 1000 पार्टिसिपेंट्स की कैपेसिटी वाला ज़ूम पाँच मिनट में भर जाता है एवं विवेचक को भी जॉइन करना मुश्किल हो जाता है।
जैसा कि ऐसे किसी भी कार्यक्रम को अकेले और अचानक से आयोजित नहीं किया जा सकता वैसे ही इस कार्यक्रम को सफल बनाने में भी कई टीम अपनी महती भूमिका निभा रहीं है, यह सभी टीम्स अपने अथक प्रयासों एवं समर्पण भाव से सेवा करते हुए अपना सहयोग देते हैं जिसके कारण ऐसे आयोजन को सफल बनाया जा पाना संभव हो पाता है। जून 2020 से लेकर अभी तक 450 से अधिक सप्ताहिक विशेष विवेचन सत्रों का आयोजन किया गया है। पर्दे के पीछे रहकर कार्य करने वाली कई टीमें हैं, जिनमें से कुछ निम्न प्रकार है।
- विवेचन कर्ता
- कंटेंट संकलनकर्ता टीम
- सूत्रसंचालन टीम
- कंटेंट शेयरिंग टीम
- तकनीकी सहायक टीम
- अनुवादक टीम एवं अन्य
इन सभी टीम का भाग हमारे ही गीता साधक होते हैं। अन्यान्य प्रकार से अपनी योग्यताओं का उपयोग कर वे इसमे अपनी आहुति देते हैं। इन सभी टीम्स में जुड़ने हेतु एक ट्रेनिंग होती है एवं उससे होकर ही साधक इसमे अपनी सेवा दे सकते हैं। इन कार्यक्रमों की लोकप्रियता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमारे गीता साधक, विशेष सत्र प्रारंभ होने के निर्धारित समय से 39 मिनट पूर्व ही ज़ूम मीटिंग पर जुड़ जाते हैं और कार्यक्रम के शुरू होने के मात्र 5 से 10 मिनट में हीहमारे जूम मीटिंग फुल हो जाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में रखे जाने वाले प्रश्न उत्तर काल की लोकप्रियता का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जाता है कि विवेचनकर्ता के द्वारा सभी के प्रश्नों को लेकर उनका उत्तर देने का प्रयास किया जाता है लेकिन कई बार समय सीमा की बाध्यता के चलते, कई साधक अपने प्रश्नों के उत्तर पाने में प्रतीक्षा सूची में शेष रहते हैं, ऐसे में उन साधकों से अनुरोध करना होता है कि आपके प्रश्न का उत्तर अगले सत्र में दिया जायेगा। और यह गीता साधकों का बहुत ही बड़प्पन है कि वह बड़े धैर्य के साथ अपनी बारी आने की प्रतीक्षा करते हैं। इसी से इस कार्यक्रम की सार्थकता और उपयोगिता सिद्ध होती है।
आयोजकों की टीम हमेशा इसी प्रयास में सदैव रत रहती है कि वह गीता साधकों से फीडबैक लेते रहें कि इस कार्यक्रम को और कैसे अधिक सुंदर और उपयोगी बनाया जा सकता है और समय-समय पर प्राप्त होने वाले सभी सकारात्मक सुझावों को लागू करने का प्रयास भी किया जाता है।
यह कहने में हमें बहुत ही हर्ष महसूस होता है कि गीता परिवार का यह प्रयोग बहुत ही सफल रहा है। यह कार्यक्रम सुचारू रूप से चलते हुए हजारों की संख्या में लोगों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम रहा है हर एक विवेचनकर्ता यही प्रयास करते हैं कि सभी साधकों का जीवन सरल और सुखमय हो सके।
हमारे गीता परिवार का सूत्र वाक्य गीता को जीवन में अपनाएं इसमें यह विवेचन सत्र बहुत उपयोगी होता है। हम हमारे सभी गीता साधकों से यह अनुरोध करना चाहेंगे कि इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हो और आपके निजी एवं दैनिक जीवन में काम आने वाले प्रश्नों, शंकाओं के बारे में विवेचनकर्ताओं से अपना समाधान पाएं और गीता के प्रति आप की लगन एवं भाव में सर्वदा बढ़ोत्तरी होती रहे साथ ही आप जीवन में गीता सीखें भी सिखाएं भी और जीवन में उसका उपयोग भी करते रहें।



