मुख्य सामग्री पर जाएँ
गीता मैत्री अंक १जून से अक्टूबर २०२१
१८पहल और विभाग

गीतासेवी टीम्स का परिचय

  • प्रवेश विभाग - यह सभी कार्यों का सम्पादन करने हेतु प्रथम सोपान है, जिसके द्वारा बैच आरम्भ करने की दिनांक निश्चित करके उसका फॉर्म लॉन्च करना एवं अंतिम तिथि पर फॉर्म को क्लोज करके प्रशिक्षार्थियों को नये WhatsApp Groups बनाकर उसमें ऐड करना तथा किसी को यदि अपने ग्रुप का समय अथवा भाषा मे परिवर्तन करना है तो उसको सुनिश्चित करने का कार्य होता है।
  • साहित्य प्रकाशन विभाग - लर्नगीता की कक्षायें देश में प्रचलित 10 प्रमुख भाषाओं में संपादित की जा रहीं हैं, एवं भगवद्कृपा से गीता के सम्पूर्ण 18 अध्याय का सभी भाषाओँ में शुद्ध सरल पाठ्य सामग्री के निर्माण का अद्भुद कार्य चल रहा है। प्रत्येक भाषा में अध्यायो के PDF बनाना, ज़ूम पर स्क्रीन शेयर करने हेतु स्लाइड्स, ऑडियो वीडियो एवं गीता व्याकरण आदि की भी सभी प्रकार का साहित्य इस टीम के द्वारा निर्मित किया जाता है।
  • प्रूफ रीडिंग विभाग - सभी भाषाओँ में निर्मित साहित्य व सूचनाओं के नित्य भेजे जाने वाले मेसेज आदि साहित्य को पूर्ण शुद्ध बनाने की दृष्टि से प्रूफ रीडिंग की बड़ी टीम इस कार्य में निरन्तर तत्पर है।
  • ट्रांसलेशन टीम - समूह में जाने वाला सभी साहित्य एवं सभी मेसेज उस समूह की ही भाषा में ही भेजे जाते हैं अतः सभी सामग्री को विभिन्न भाषाओं में ट्रांसलेट करने हेतु ट्रांसलेशन टीम कार्य निरन्तर कार्यरत है।
  • Helpline - प्रशिक्षार्थियों को एडमिशन फॉर्म भरने से लेकर क्लास के ग्रुप में जुड़ने, भाषा- समय आदि का परिवर्तन करने व उन्हें किसी भी प्रकार की सहायता पँहुचाने हेतु दिल्ली में एक टेली, ईमेल व चैट हेल्पलाइन का विभाग स्थापित किया गया है जिसमें कुशल कार्यकर्ता नित्य आने वाली हजारों समस्याओं का निदान कर स्गीताप्रेमियों कि इस यात्रा को सुगम बनाते हैं। 1800 203 6500 पर प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक नित्य यह टीम सेवारत रहती है।
  • परीक्षा विभाग - गीता कंठस्थीकरण परीक्षाओं में प्रतिमाह 3/6/12/18 अध्याय कंठस्थ कर लगभग 3000 गीता साधक जिज्ञासु, पाठक एवं पथिक तथा गीताव्रती की परीक्षाओं हेतु आवेदन करते हैं। प्रतिमाह इतनी बड़ी संख्या में सभी की सुगम परीक्षा का नियोजन कर उतीर्ण परीक्षार्थियों की मार्कशीट एवं सर्टिफिकेट भेजने का अत्यन्त विशाल कार्य इस टीम के द्वारा संपादित किया जाता है।
  • Class Monitoring Department - 10 भाषाओँ में नित्य होने वाली लगभग 900 कक्षाओं की निगरानी की जिम्मेदारी इस विभाग की है। गीता परिवार प्रशिक्षार्थियों के उत्तम प्रशिक्षण हेतु निश्चित सभी नीतियों का क्रियान्वयन प्रत्येक कक्षा में ठीक से हो रहा है या नहीं, यह इस विभाग का मूल कार्य है। इस सेवा में संलग्न प्रत्येक गीतासेवी की गुणवत्ता का आंकलन कर उसकी रिपोर्ट सम्बंधित विभागों तक पंहुचाना इस विभाग की विशिष्ट सेवा है।
  • IT डिपार्टमेंट - गीता कक्षाओं का सारा कार्य ऑनलाइन होने ले कारण सभी कार्यों की रीढ़ टेक्नोलॉजी ही है यदि ऐसा कहा जाए तो गलत नही होगा। हमारी आई. टी. टीम के द्वारा निरन्तर सॉफ्टवेयर सपोर्ट प्रदान कर व नित्य प्रतिदिन आने वाली समस्याओं के निदान प्रदान करने से लेकर सभी कार्यों को सरल सहज और द्रुतगामी बनाने हेतु समर्पित अत्यन्त सुयोग्य कार्यकर्ताओं द्वारा यह विभाग संचालित है।
  • कार्यक्रम संचालन विभाग - यह विभाग ऑनलाइन गीता संथा वर्गों के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यक्रमों को जैसे, उदघाटन -समापन समारोह, विभिन्न उत्सवों का आयोजना, व्याकरण वर्ग, विवेचन आदि आयोजित करने का कार्य करती है, उसमे सेवा देने वाले टेक बंधु, सूत्र संचालकों आदि की ट्रेनिंग तथा अन्य सभी बातों को नियोजित करने का कार्य किया जाता है।
  • प्रशिक्षण विभाग - विभिन्न विभागों में सेवा देने के इच्छुक हजारों कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षक, तकनीकी सहायक, समूह संचालक एवं अनेक रूपों में सेवा देने हेतु हजारों कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह अलग अलग विभाग में प्रशिक्षण प्रदान कर उनका चयन किया जाता है, यह एक अत्यन्त दुष्कर व कठिन कार्य करने में अनेक प्रशिक्षण विभाग सेवारत हैं।
  • गीता प्रचारक टीम - एक बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गीता कक्षाओं में गीता प्रचारक के रूप मे कार्य करते हैं जो आगामी बैच के लिंक को सोशल माध्यमों से आगे प्रेषित करते हैं, प्रोमो वीडिओज़ बनाते हैं और अनेक मार्गों से लोगों के गीता से जोड़ते हैं।
  • ग्राफ़िक एवं एनीमेशन टीम - गीता वर्गों में प्रचार एवं सूचना आदि हेतु जो भी बैनर्स, वीडिओज़ आदि बनाये जाते हैं वे इस टीम के द्वारा ही निर्मित किये जाते हैं।
  • सर्टिफिकेशन डिपार्टमेंट - ऑनलाइन गीता संथा वर्गों के अंतर्गत प्रत्येक स्तर पर प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्तिपत्रक एवं प्रमाणपत्र भी दिये जाते हैं।

‘गीता गुञ्जन प्रशास्तिपत्रक’ - स्तर -1 में प्रशिक्षार्थियों से 12वें एवं 15वें अध्याय के पठन हेतु प्रदान किया जाता है. प्रतिमाह लगभग 10000 साधकों को गीता गुञ्जन का ई-प्रशस्तिपत्रक प्रदान किया जाता है।

‘गीता जिज्ञासु, पाठक, पथिक एवं गीताव्रती प्रमाण पत्र’ - आगे के स्तरों में गीता कंठस्थ करने हेतु सभी गीता साधकों को प्रेरित किया जाता है एवं परीक्षा उत्तीर्ण करने पर उन्हें सुन्दर प्रमाणपत्र प्रदान किये जाते हैं। तीन अध्याय कण्ठस्थ कर परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर ‘गीता जिज्ञासु’ एवं आगे छह, बारह, अट्ठारह अध्याय कंठस्थ होने पर क्रमशः पूज्य स्वामीजी द्वारा हस्ताक्षरित ‘गीता पाठक, पथिक एवं गीताव्रती’ के ई-प्रमाण पत्र के साथ इच्छुक साधकों को पोस्ट के द्वारा भी मुद्रित प्रमाणपत्र भी कुरियर से भेजे जाते हैं।

फैकल्टी सर्टिफिकेट - गीता कक्षाओं में प्रशिक्षक, तकनीकी सहायक एवं समूह संचालक और अन्य बैकेन्ड के रूप में सेवा दे रहे कार्यकर्ताओं को भी सत्र समाप्त होने पर कार्यकर्ता अभिनन्दन पत्रक भी दिया जाता है

  • कंटेंट शेयरिंग टीम - गीता कक्षाएं जैसा कि WhatsApp Groups पर संचालित की जाती हैं अतः सभी व्हाट्सएप्प ग्रुप्स में अनेक सूचनाएं, पीडीएफ, फ्लायर्स, बैनर्स, ऑडियो, वीडियो आदि प्रेषित करने हेतु एक टीम कार्य करते है जो सभी सामग्री को भाषा के अनुसार सभी समूहों में भेजने का कार्य करती है।
  • ऑब्जरवेशन एवं फीडबैक टीम - यह टीम सभी डीपार्टमेंट्स के कार्यों को देखना एवं उनमे सुधार आदि करने का कार्य करता है एवं नई नीतियों के गठन में एक मुख्य भूमिका निभाती हैं।
  • सोशल मीडिया टीम - ऑनलाइन वर्गों में होने वाले सभी कार्यक्रमों का प्रचार करना, उसे फेसबुक, व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, ट्विटर एवं LearnGeeta Site पर पोस्ट करने का कार्य करती है।
  • क्रिएटिव राइटिंग टीम - यह टीम गीता वर्गों में भेजे जा रहें सभी मैसेज ड्राफ्ट करना एवं सभी विवेचनों को टाइप करके उनका पीडीएफ बनाना एवं अन्य डॉक्यूमेंट तैयार करने का कार्य करती है।
  • चिन्तनिका विभाग - माह में दो बार प्रत्येक एकादशी को रात्रि 9 से 10 बजे तक होने वाले चिन्तनिका सत्र का आयोजन यह विभाग संभालता है। प्रत्येक एकदशी पर क्रमश: 3 अध्यायों का सामूहिक पाठ हजारों साधकों द्वारा ज़ूम पर होता है, विशेष बात यह है कि इस पाठ को सस्वर करने हेतु एवं इन्ही अध्यायों को संक्षिप्त विवेचना करने हेतु गीता साधकों को अवसर प्रदान किया जाता है।
मूल अंक के पृष्ठ देखें २ पृष्ठ
मूल अंक, पृष्ठ ७३मूल अंक, पृष्ठ ७४