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गीता मैत्री अंक ७जनवरी से जून २०२४
११गीता मैत्री मिलन

UAE SNEH MILAN

16/02/24

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परम पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरिजी महाराज का UAE के कार्यक्रम स्थल में आगमन हुआ। सभी भक्तगण प्रतीक्षा में थे। संपूर्ण वातावरण अत्यंत ही मनमोहन एवम् प्रफुल्ललित था। परम पूज्य स्वामी जी को पुष्पमाला पहनाई गई, परम पूज्य स्वामी जी की आरती साधकों द्वारा की गई। स्वामी जी सिंहासन पर विराजित हुए। स्वामी जी के दर्शन की लालसा भक्तों में कुछ ऐसी थी मानो भगवान् श्री कृष्ण जी के दर्शन कर रहे हैं। स्वामी जी ने पुष्प वर्षा चहुँ ओर कर वातावरण को शुद्ध किया। इस प्रकार से स्वामी जी के दर्शन करने हेतु कई जन्म के सौभाग्य की आवश्यकता होती है। एक सुंदर प्रतिमा की भाँति स्वामी जी का स्वागत व पूजन किया गया। स्वामी जी ने कहा मैं सभी की सेवा में उपस्थित हूँ, और आशीर्वचन दिये।

योगेशं सच्चिदानंद वासुदेवं व्रजप्रियम्। धर्मसंस्थापकं वीरं कृष्णंवन्दे जगद्गुरु॥

सभी गीता परिवार के साधक, भक्तगण गीता परिवार के इस कार्यक्रम में सम्मिलित थे। सभी ने एक-एक करके अपना परिचय दिया। गीता परिवार यूएई (UAE) के कोषाध्यक्ष बैजनाथ जी ने बताया UAE में दो बार संपूर्ण गीता पाठ हो गया है। सचिव पूजा दीदी भी कार्यक्रम में उपस्थिति हुई। सभी भारतीय साधक गीता परिवार से जुड़ें थे एवं यूएई में रहते हैं सभी एकत्रित हुए एवं स्वामी जी को सभी ने अपना परिचय दिया एवं संवाद किया। भूमिका शाह जी, विधि जी, पूजा जी जो की ट्रेनर है, 20 साल से दुबई में रहती है, इन्होंने कहा संस्कृत में गीता जी सीख पा रहे हैं यह बहुत बडीं अद्भुत कल्पना है। अन्य साधकों का परिचय सत्र हुआ कुछ साधक सेवा दे रहे हैं, कुछ गीता परिवार में गीता सीख रहे हैं, कुछ गीता परिवार के साधक गीता जी का आयोजन कर रहे हैं। रीता जी, अजय जी, हरीश कुमार लखोटिया जी, वीरेंद्र शाह जी, यह सभी गीता परिवार के साधक उपस्थित थे। विनीत लाहोटी जी और मानसी लाहोटी जी सभी लोग कुछ ना कुछ गीता परिवार में सेवाएँ दे रहे हैं। सभी के सहयोग से

कार्य सुचारु रूप से चलता रहता है। गीता परिवार का यही अद्भुत कार्य इतनी सुंदर तरीके से देश-विदेश में रह रहे लोगों के द्वारा चल रहा है। सभी बाल गोपाल ने भी परिचय दिया हनुमान चालीसा बालकों को सीखना चाहिए यह संदेश स्वामी जी ने सभी बाल गोपालों को दिया।

UAE मैं कई साधक ऐसे थे जिन्होंने संस्कृत पहली बार सीखा हैं। स्वामी जी से मिलकर, गीता परिवार से जुड़कर सभी अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं। भारतीय संस्कृति को विदेशों में जीवित देख स्वामी जी भी अत्यंत प्रसन्न थे।

स्वामी जी के आशीर्वचन:

श्री राम जय राम जय जय राम।
श्री राम जय राम जय जय राम॥

इस गान के साथ स्वामी जी ने अपने वचन कहे। स्वामी जी ने कहा मुझे प्रश्न सुनना है सर्वप्रथम में प्रश्नों का समाधान करना चाहूँगा। परमपूज्य स्वामी जी ने कहा - मुझे वेदों का आदेश है रोज कुछ ना कुछ नया पढ़ना, अभ्यास करना, अध्ययन करना और बोलना परंतु सर्वप्रथम मैं प्रश्नों तक पहुँचना चाहता हूँ। इसके पश्चात् साधकों के द्वारा प्रश्न पूछे गयें जिनका समाधान प. पू. स्वामीजी द्वारा किया गया। सभी ने स्वामी जी के दर्शन किये, आशीर्वाद प्राप्त किया। इस प्रकार से स्वामी जी और साधकों के बीच का सुंदर संवाद समाप्त हुआ। दीप प्रज्वलित किए गए। सुंदर गुरु दर्शन का तथा संवाद का यह सौभाग्य यूएई (UAE) के सभी साधकों को प्राप्त हुआ। अत्यंत आनंद ही आनंद चहुँ ओर छाया हुआ था। आरती व पूजन संपन्न हुआ।

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