Soulful Stanzas
భగవానుడి భగవద్గీత..
బాగుంది బాగుంది భగవద్గీత పఠనం
భగవానుడి స్వరం నుండి
వెలువడిన ఈ భగవద్గీత..
నాలుకేమొ తిరగకున్నా
నానా తంటాలు పడుతు
కృష్ణుల వారు చెప్పిన(ట్టి)
కష్టమైన శ్లోకాలు
ఇష్టంగా మేమంతా కంఠస్థం చేశాము
కృష్ణుడి దయవల్ల మమ్ము
కలిపురుషుడు వదిలిపెట్టి
కష్టాలు కడగండ్లు కరిగిపోనీ కాలంలో..
నంది నందనుడు మమ్ము నడిపించే దారిలో
కంటకాలన్ని తొలగి కనిపించును స్వర్గము..
వందనాలు వందనాలు
గురు దేవుళ్లకు వందనాలు...
- Shri Ramchander Rao (Hyderabad)
अति सुमंगल पावन गीता, जीवन मार्ग दिखाए गीता।
जो प्रतिदिन पढता है गीता, उसका भाग्य जगाती गीता॥1॥
बच्चे बूढ़े एक समान,करती है सबका कल्याण।
मन का बोझ सभी हर लेती, हम सबकी माता है गीता॥2॥
जो गीता से करते प्यार, उसके मिटते कष्ट अपार।
अद्भुत शक्ति की है ये खान, भारत का अभिमान है गीता॥3॥
कृष्ण ने अर्जुन का रथ हांका, कर न सका कोई बाल भी बांका।
सबको बांटा कृष्ण ने ज्ञान, ग्रन्थ महान बना कर गीता॥4॥
गीता का सब जानो मर्म, करते चलो सदा सत्कर्म।
सदा सत्य के मार्ग पे चलकर, लक्ष्य तक पहुँचती गीता॥5॥
गीता जी मे श्रद्धा रखना, मन मे संशय न कोई करना।
सब बंधन से होंगे दूर, उत्तम मार्ग दिखाए गीता॥6॥
पूरी करती है सब आस, गीता पर करना विश्वास।
सब प्रश्नों के उत्तर इसमें, प्रेमामृत बरसाती गीता॥7॥
ये जीवन कितना अनमोल, तोल तोल के बोलो बोल।
क्रोध लोभ और झूठ को त्यागो, कभी ना पाप कराये गीता॥8॥
गीता का पाओ वरदान, सकल गुणों की है ये खान।
स्वयं पढ़ो औरो को पढ़ाओ, हर घर मे पहुचाओ गीता॥9॥
- चारु लता अग्रवाल (नई दिल्ली)
गीता ज्ञान
जीवन में गर होना चाहते हो सफल,
तो गीता ज्ञान पर कर लो अमल ।
लगा गीता सीखना बङा हैं कठिन
पर अत्यंत है सरल,
गर है आत्मानुशासन ।
गीता का मुख्य उद्देश्य, कर्म की दृढ़ हो सत्ता,
फल की इच्छा न कर,कर्म कर हर हाल में अच्छा-
अच्छा ।
इसलिए...
जीवन में गर होना चाहते हो सफल,
तो गीता ज्ञान पर कर लो अमल ।
भक्तियोग तथा पुरुषोत्तम योग की
समझ आई महत्ता,
इसके मनन से आती आत्मा में पूर्णता,
अर्जुन ने हर क्षेत्र के अनेकों प्रश्न पूछे,
तब कृष्ण ने कहा...
कष्ट से घबराकर अपने कर्तव्यों से क्यों हो रूठे ।
इसलिए...
जीवन में गर होना चाहते हो सफल,
तो गीता ज्ञान पर कर लो अमल ।
ऊर्जावान बनाए जीवन अपना,
गीता-परिवार से जुङकर ,
उमंग,उत्साह,उल्लास का अनुभव करें जी भर-भरकर ,
आओ गीता-ज्ञान बढ़ाए,गीता सेवी बनकर,
सत,चित,आनंद की अनुभूति करें,
इस महायज्ञ के सहभागी बनकर।
इसलिए...
जीवन में गर होना चाहते हो सफल,
तो गीता-ज्ञान पर कर लो अमल ।
- संगीता कौशिक (गंगटोक)
हे, कृष्ण तुझे नमन..!
स्वर्णाच्छादित किरणों के रथ पर अग्रसर,
इस लोक के जन जन के अन्तर्मन पर..!
बिंब अपना जड़ने को तत्पर...
हे, कृष्ण तुझे नमन..!!
हर सुबह, ममता सी मुस्कान लेकर,
अंधकार में जीने को प्रेरित कर..!
बीज़ को जीवित करने को तत्पर...
हे, कृष्ण तुझे नमन..!!
भरी दोपहरी, ऊष्मा का संचार निरंतर,
खुशहाली का ताज सजाये, हर घर पर..!
जीवन ऊर्जा बिखेरने को तत्पर...
हे, कृष्ण तुझे नमन..!!
रक्त चन्दन का तिलक लगाये गोधुली पर,
पंछी पश्चिम को जाते कलरव कर..!
क्षुधा बुझाने को हरवक्त तत्पर...
हे, कृष्ण तुझे नमन...!!
हे, कृष्ण शत-शत नमन..!!!
- मनीष गोडे (नागपुर)
ಗೀತೆ ಪರಿವಾರ ಕವನ
ಬಂದೆ ನಾನಿಲ್ಲಿ ಭಗವದ್ಗೀತೆಯನು ಪಠಿಸೆ,
ಚೆಂದ ತಾಣವಿದು ಈ ಗೀತೆ ಪರಿವಾರ;
ಒಂದೊಂದು ದಿನಕು ಮೂರ್ಮೂರು ಶ್ಲೋಕದ ಕಲಿಕೆ
ಕುಂದು- ಕೊರತೆಗಳಿರದ ಸ್ಪಷ್ಟ ಉಚ್ಚಾರ.
ಕೊಂಚ ಶ್ರಮದೊಂದಿಗಿನ ಹ್ರಸ್ವ- ದೀರ್ಘದ ಶ್ವಾಸ
ಪಂಚೇಂದ್ರಿಯಕ್ಕಿದುವೆ ನಿಜದವ್ಯಾಯಾಮ;
ಪಾಂಚಜನ್ಯವನೂದಿದವನ ವಾಣಿಯ ಕೇಳೆ
ಸಂಚಯಿತ ಪಾಪ- ಕಷ್ಟಗಳು ನಿರ್ನಾಮ.
ಪಾರ್ಥಂಗೆ ಕೃಷ್ಣನರುಹಿದ ಮರ್ಮವನ್ನರಿತು
ಸಾರ್ಥಕದ ಜೀವನವ ನಡೆಸಿರೆನ್ನುತ್ತ;
ಗೀತೆ ಕಲಿಯುತ್ತ, ಕಲಿಸುತ್ತ, ಅಳವಡಿಸುತ್ತ
ನೀತಿಯಿಂದಲಿ ಬಾಳಿರೆನ್ನುವುದೆ ತತ್ವ
- REVATHI UM, (Vittal)
गीता वंदन
वंदितो तुज, वंदितो तुज, वंदितो तुज, माय गीता।
या जगाला उद्धराया, सिध्द केले भारता ॥धृ॥
अमृतमय तव वाणी मधुनी, दिव्यत्वाची ये प्रचीती।
कृष्णार्जुन या संवादातुनी, पाझरते भक्तीची प्रीती।
तुझ्या कृपेने धन्य जाहलो, उणे न कांहीं उरले आता॥१॥
सादर आम्ही तव संदेशा, 'योग: कर्मसु कौशलम'।
आचरिता तुज सार्थक होवो, जगत, सर्व हे मंगलम।
नच स्वर्गाची आंस आम्हाला, कुशीत तुझिया तृप्तता॥२॥
भगवंतांच्या वाणी मधली, ऋजुता अन ही मार्दवता।
सदैव राहो आमुच्या स्मरणी, आचरणी अन् सात्विकता।
हेच मागणे तुझिया चरणी, तुजविण कोणी नाही त्राता॥३॥
- गोपालकृष्ण कुलकर्णी (पुणे)


