
L4 Opening Ceremony
7th Batch - Apr23
23/01/24
2020 में आरंभ हुआ यह लर्नगीता आज विश्वभर में गीता को अत्यन्त प्रभावशाली ढंग से विस्तारित कर रहा है एवं आज 7वें स्तर 4 बैच का शुभारम्भ हो रहा है। कार्यक्रम के आरंभ में बीना चौहान दीदी जी ने परम पूज्य गुरुदेव के चरणों में वंदन करते हुए दिल्ली से श्री पवन अंचल भैया जी को आरंभिक प्रार्थना के लिए आमंत्रित किया। अंचल भैया जी ने अपनी मधुर वाणी से प्रार्थना करते हुए साधकों का हृदय भक्ति से परिपूर्ण कर दिया। इसके पश्चात् ममता सोमानी दीदी जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर वातावरण को सकारात्मक बना दिया।
22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न होने पर पूरे भारतवर्ष में आनन्द की लहर दौड़ रही है। सभी साधक भाव-विभोर होकर मनोगत साझा करने को उत्सुक थे अत: आज का कार्यक्रम साधक संवाद अर्थात् साधकों के मनोगत से ही आरम्भ हुआ। सर्वप्रथम गणेश कुमार भैया ने अपने विचार प्रस्तुत किये। उन्होंने बताया कि हम रामजी को मानते हैं परन्तु रामजी की नहीं मानते। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान है हम उनके आदर्शों पर चलकर अपने जीवन को सफल बनायें।
अश्विनी जानी भैया जी ने बताया कि उन्होंने 6 दिसम्बर को कार सेवा में हिस्सा लिया था। अब अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण से उनका वह बहुप्रतीक्षित स्वप्न साकार हो गया। श्री करम चंद भैया जी 25 सालों से रामलीला में हनुमानजी की भूमिका निभा रहे हैं। अपने इष्ट प्रभु राम जी के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पर उनकी नयनों में आनंदाश्रु
भरे हुए हैं।
काठमांडू से देवा जी ने बताया कि नेपाल में भी पूर्ण उल्लास के साथ दीपावली मनाई गई। जनकपुर धाम से अयोध्या धाम में बैना भी भेजा गया।
विनोद बत्रा दीदी ने कहा कि गीता हमें जीवन में अनुशासन सिखाती है। अनुशासन के बिना जीवन ऐसे है जैसे नाविक के बिना नाव। गीता मानव मन को अवसाद से आह्लाद की ओर ले जाती है। गीता परिवार के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. आशू गोयल भैया अभी अभी अयोध्या से लौट कर आए हैं। अविलम्ब भैयाजी ने कार्यक्रम में सम्मिलित होकर साधकों को सम्बोधित किया। उनके मुख पर अद्भुत प्रसन्नता व उत्साह के भाव थे। उन्होंने संक्षेप में अयोध्या यात्रा का वर्णन कर साधकों को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने प्रभु के विग्रह की भाव भंगिमा का वर्णन जिस प्रकार किया, ऐसा लग रहा था मानो प्रभु के साक्षात् दर्शन कर रहे हैं। भारत में इस अवसर पर घर घर में दीपावली का त्योहार मनाया गया। उन्होंने गीता परिवार द्वारा संचालित पादुका सेवा के बारे में भी बताया। इतने कम समय में इतना बड़ा कार्य कठिन अवश्य था परन्तु असम्भव नहीं। प्रभु राम जी के आशीर्वाद और परम पूज्य गुरुदेव जी के निर्देशन में कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और माननीय अतिथियों द्वारा गीता परिवार द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्था की अत्यंत सराहना की गई।
उन्होंने गीता जी के श्लोक कण्ठस्थ करने पर बल देते हुए कहा कि जब हम गीता के श्लोक कण्ठस्थ करते हैं तो हम कभी भी कहीं भी गीता पाठ कर सकते हैं। इस शुभ अवसर पर गीता विचक्षण साधकों के प्रात्यक्षिक हुए। 8 वर्षीय हरिप्रिया दीदी, जो गीता विचक्षण हैं, ने अपनी मधुर वाणी से श्लोकांक से श्लोक वाचन कर सभो को आश्चर्यचकित किया। इसके साथ ही अमेरिका से 67 वर्षीय इंदु शर्मा दीदी, जयपुर से 68 वर्षीय घनश्याम शर्मा भैयाजी ने श्लोकांक से श्लोक उच्चारण किये। विजयवाड़ा से सुनीता सोमानी दीदी ने श्लोकार्थ के साथ श्लोक वाचन किये और अपने आप में अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया।
अंत में आशू भैयाजी ने नए सत्र में प्रवेश पाने वाले सभी साधकों को शुभकामनाएं दी। इसके पश्चात् ममता सोमानी दीदी ने प्रार्थना से समापन किया और पूरे कार्यक्रम की सूत्रधार बीना चौहान दीदी व साधकों का हृदय से आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया।

